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Illegal Detention Laws in India: कई बार पुलिस पूछताछ के नाम पर लोगों को घंटों थाने में बैठा लेती है, लेकिन क्या ऐसा कानूनन सही है? जानिए अवैध हिरासत क्या होती है, पुलिस कितनी देर तक रोक सकती है और ऐसे समय में आपके कानूनी अधिकार क्या हैं.
क्या है अवैध हिरासत?

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अगर पुलिस किसी व्यक्ति को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना रोककर रखती है, तो उसे अवैध हिरासत कहा जाता है. अगर पुलिस किसी व्यक्ति को थाने में बैठाती है लेकिन उसकी गिरफ्तारी दर्ज नहीं करती, तो ये गंभीर कानूनी सवाल खड़े कर सकता है. भारतीय संविधान हर नागरिक को आजादी का अधिकार देता है.
क्या पुलिस पूछताछ के नाम पर रोक सकती है?

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पुलिस पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को बुला सकती है, लेकिन उसे अनिश्चित समय तक थाने में नहीं बैठा सकती. अगर व्यक्ति को रोका जाता है, तो उसकी गिरफ्तारी का रिकॉर्ड बनाना जरूरी होता है. बिना रिकॉर्ड के लंबे समय तक रोकना अवैध माना जा सकता है.
गिरफ्तारी के बाद क्या हैं नागरिक के अधिकार?

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भारतीय कानून के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी की वजह बताना जरूरी है. उसे वकील से संपर्क करने का अधिकार है और परिवार को भी जानकारी दी जानी चाहिए. पुलिस को 24 घंटे के भीतर आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है.
24 घंटे से ज्यादा हिरासत कब होती है गैरकानूनी?

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संविधान और दंड प्रक्रिया संहिता के तहत पुलिस किसी भी व्यक्ति को बिना मजिस्ट्रेट की इजाजत के 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रख सकती. ऐसा करने पर पुलिस कार्रवाई कानूनी जांच के दायरे में आ सकती है.
महिला को रात में गिरफ्तार किया जा सकता है?

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कानून के मुताबिक नॉर्मल हालातों में महिला की गिरफ्तारी सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले नहीं की जा सकती. खास परिस्थिति में मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होती है. ये नियम महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है.
अगर पुलिस अवैध रूप से रोके तो क्या करें?

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अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसे गैरकानूनी तरीके से रोका गया है, तो वो अपने परिवार, वकील या मानवाधिकार आयोग से संपर्क कर सकता है. हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका भी दाखिल की जा सकती है. गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को अपने परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सूचना देने का अधिकार होता है. सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में इस अधिकार को जरूरी बताया गया है ताकि हिरासत में पारदर्शिता बनी रहे.
(All Photos Credit: Freepik)