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अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि उनका बिजली का मीटर बहुत तेज भाग रहा है और बिल उम्मीद से ज्यादा आ रहा है. अपने इस शक को दूर करने के लिए आपको किसी इंजीनियर को बुलाने की जरूरत नहीं है बल्कि आप एक आसान ट्रिक से घर पर ही इसकी जांच कर सकते हैं.
क्या है मीटर चेक करने वाला लोड टेस्ट?

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इस घरेलू जांच को 1 किलोवाट टेस्ट कहा जाता है जिसके लिए आपको एक ऐसे उपकरण की जरूरत होगी जिसकी बिजली खपत की जानकारी बिल्कुल सटीक हो. इसके लिए हीटर या बिजली का बल्ब सबसे सही रहता है क्योंकि इनकी क्षमता फिक्स होती है जबकि कूलर या पंखे में वोल्टेज कम-ज्यादा होता रहता है.
टेस्ट शुरू करने से पहले क्या करें?

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जांच शुरू करने से पहले घर के सारे बिजली के उपकरण जैसे फ्रिज, टीवी और पंखे पूरी तरह बंद कर दें और ध्यान रहे कि कोई फोन चार्जिंग पर न लगा हो. अब मीटर के पास जाकर उसकी मौजूदा रीडिंग को नोट कर लें ताकि आपको पता रहे कि टेस्ट शुरू होने से पहले कितनी यूनिट खर्च हुई थी.
कैसे करें 1 किलोवाट वाला यह टेस्ट?

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अब 1000 वाट का एक हीटर या 100 वाट के 10 बल्ब एक साथ जलाएं और इन्हें ठीक एक घंटे तक लगातार चलने दें. याद रहे कि इस दौरान हीटर ऑटोकट वाला नहीं होना चाहिए वरना रीडिंग में अंतर आ सकता है और एक घंटे तक लोड बिल्कुल एक जैसा रहना चाहिए.
कैसे समझें कि मीटर सही है या खराब?

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ठीक एक घंटे बाद दोबारा मीटर की रीडिंग चेक करें और अगर वह पहले वाली रीडिंग से ठीक एक यूनिट ज्यादा बढ़ी है तो आपका मीटर बिल्कुल सही है. गणित के हिसाब से 1 किलोवाट का लोड एक घंटे चलने पर ठीक एक यूनिट बिजली ही खर्च करता है इसलिए इससे आप सही नतीजा निकाल सकते हैं.
अगर रीडिंग कम या ज्यादा आए तो क्या करें?

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अगर एक घंटे में मीटर एक यूनिट से ज्यादा भाग गया है तो समझ लीजिए कि मीटर तेज है और आपको तुरंत बिजली विभाग में शिकायत करनी चाहिए. वहीं अगर रीडिंग एक यूनिट से कम बढ़ी है तो इसका मतलब है कि आपका मीटर स्लो चल रहा है जो कि तकनीकी गड़बड़ी का संकेत है.