न्यूनतम सैलरी से कम मिले पैसे तो कहां करें शिकायत? जानें अपने कानूनी अधिकार

नोएडा में प्राइवेट कंपनियों ने जबसे न्यूनतम सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है, तबसे कर्मचारी वर्ग में न्यूनतम सैलरी और इंक्रीमेंट आदि को लेकर चर्चा हो रही है. अगर आपको कम सैलरी मिलती है तो आपके कानूनी अधिकार क्या हैं? आप कहां कंपनी की शिकायत कर सकते हैं? केस कर सकते हैं?

Know Your Legal Rights
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अगर आप भी नौकरी कर रहे हैं तो जान लीजिए कि अगर आपको न्यूनतम सैलरी से कम पैसे मिल रहे हैं तो आप कंपनी के खिलाफ केस कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से अलग अलग कैटेगरी में सैलरी फिक्स की गई है. न्यूनतम से कम सैलरी मिलने पर क्या करना होगा और आप कहां कंपनी की शिकायत कर सकते हैं. जानें

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कितनी है न्यूनतम सैलरी?

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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सैलरी को जगह और स्किल के आधार पर बांटा गया है. इसमें नोएडा और गाजियाबाद जिलों के लिए अलग सैलरी है जबकि नगर निगम वाले जिले और दूसरे जिलों में सैलरी अलग तय की गई है. इसमें अकुशन, अर्द्धकुशल, कुशल कैटेगरी में लोगों की सैलरी विभाजित की गई है. जैसे गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल मजदूरों को 13690 रुपये, अर्द्धकुशल मजदूरों को 15059 रुपये और कुशल मजदूरों को 16868 रुपये सैलरी देनी होगी.

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न्यूनतम सैलरी न मिले तो क्या करें?

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वकील बताते हैं कि अगर कोई नौकरी करता है तो उसे न्यूनतम सैलरी पाने का अधिकार है. अगर कोई कंपनी न्यूनतम सैलरी से भी कम सैलरी देता है तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. एडवोकेट प्रेम जोशी ने बताया कि न्यूनतम सैलरी मिलने की स्थिति में मजदूर कंपनी के खिलाफ लेबर कोर्ट में केस कर सकता है. दरअसल, ये क्वासी ज्यूडिशियल सिस्टम के अधीन आते हैं और सुनवाई करने, गवाह को बुलाने, सबूतों की जांच करने और आदेश देने का आधिकार होता है.

लेबर कोर्ट में शिकायत करें

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ऐसे में मजदूर इन लेबर कोर्ट में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके अलावा वे डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में भी इस संबंध में केस दर्ज किया जा सकता है. इसके बाद कोर्ट कंपनी को सीज करने तक का भी आदेश दे सकती है. इस तरह के केस में कई लोग यूनियन के जरिए तो कई लोग खुद से अकेले भी केस कर सकते हैं. साथ ही एडवोकेट ने ये भी सलाह दी है कि अगर आप केस करना चाहते हैं तो आपको जल्द से जल्द केस कर देना चाहिए और ज्यादा साल तक वेट नहीं करना चाहिए.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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