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हमारे देश में एक रुपये के सिक्के से लेकर 500 रुपये के नोट मौजूद है, जिनको रोज लेनदेन में इस्तेमाल होता रहता है. लेकिन सवाल उठता है कि इनको बनाने में सरकार को कितना खर्च करना पड़ता होगा? आइए जानते हैं जवाब
डिजिटल के दौर में मजबूत सिक्के और नोट की पकड़

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आज भले ही देश डिजिटल पेमेंट की दौर में बढ़ चला है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग सिक्कों और नोटों का इस्तेमाल आपने डेली-रूटीन में करते रहते हैं.
कई लोगों के मन में आता है सवाल

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इन सिक्कों और नोटों को लेकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि मात्र ₹1 का सिक्का बनाना में सरकार को कितना खर्च करना पड़ता होगा और ₹500 में कितना?
हैरान कर देगा जवाब

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका जवाब काफी हैरान कर देने वाला है. रिपोर्ट बताते हैं कि ₹1 का सिक्का बनाना में ₹1.11 का खर्च होता है. यानी जितने का सिक्का नहीं होता उससे ज्यादा उसकी लागत होती है.
2 और 5 के सिक्के में कम खर्च

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इतना ही नहीं, ₹2 का सिक्का ₹1.28 में, ₹5 का सिक्का ₹3.69 में और ₹10 का सिक्का ₹5.54 में बनता है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपकी जेब में रखा एक रुपये का सिक्का असल में उससे ज्यादा का है.
एक नोट छापने में कितना आता है खर्च?

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जानकारी के मुताबिक, ₹10 का एक नोट छापने में ₹0.96 का खर्च आता है, वहीं, ₹100 का छापने में ₹1.77, ₹200 का ₹2.37, ₹500 का ₹2.29 और ₹2000 का ₹4 रुपये तक का खर्च होता है. ये सिर्फ एक नोट की छपाई के आंकड़े हैं.
क्या बनते और छपते हैं सिक्के और नोट?

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भारत में सिक्के चार प्रमुख शहरों में स्थित सरकारी टकसालों (Mints) में बनाए जाते हैं: मुंबई (महाराष्ट्र), कोलकाता (पश्चिम बंगाल), हैदराबाद (तेलंगाना), और नोएडा (उत्तर प्रदेश). वहीं नोटों की बात करें तो, यह भी मुख्य रूप से चार जगहों पर छापे जाते हैं: नासिक (महाराष्ट्र), देवास (मध्य प्रदेश), मैसूर (कर्नाटक), और सालबोनी (पश्चिम बंगाल).
अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है.