पश्चिम बंगाल में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुआ है, जिसके बाद भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली को बड़ा झटका लगा है. उनकी सुरक्षा में कटौती कर दी गई है. बंगाल में नई सरकार आने के बाद ये फैसला किया गया है. दादा के लिए ये बड़ा फैसला माना जा रहा है.
बंगाल सरकार का बड़ा फैसला

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पश्चिम बंगाल सरकार ने सौरव गांगुली की सुरक्षा कम करने का निर्णय लिया है. उन्हें जेड श्रेणी से वाई श्रेणी में डाल दिया गया है. इससे पहले साल 2023 में दादा को वाई कैटेगरी से जेड कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया था. लेकिन अब सरकार बदलते ही उन्हें जेड से वाई कैटेगरी की सुरक्षा मिली है.
दादा की सुरक्षा घटी

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वाई कैटेगरी की सुरक्षा के तहत उनके साथ तीन पुलिसकर्मी तैनात रहते थे. इसके अलावा उनके घर पर भी 3 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे. बाद में जेड कैटेगरी की सुरक्षा मिलने के बाद उनके लिए 8 से 10 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे. हालांकि अब उनकी सुरक्षा को फिर से जेड कैटेगरी से वाई कैटेगरी में डाल दिया गया है.
राज्या में नया प्रोटोकॉल

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राज्य के नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक, गांगुली के खतरे के अद्यतन आकलन के अनुसार उन्हें "जेड" श्रेणी की सुरक्षा की जरूरी नहीं है. हालांकि सेवानिवृत्त क्रिकेटर को आवश्यक पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी.
अधिकारियों ने क्या कहा?

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राज्य के अधिकारियों ने दादा की सुरक्षा कम करने के बाद कहा कि गांगुली की सुरक्षा में कटौती कोई अलग-थलग निर्णय नहीं है, बल्कि यह वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के राज्यव्यापी पुनर्गठन का हिस्सा है.
जेड कैटेगरी की सुरक्षा की जरूरत नहीं

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सरकार के मुताबिक गांगुली उस कैटेगरी में नहीं आते हैं जहां उनके संभावित खतरे के स्तर के लिए "जेड" श्रेणी की सुरक्षा की जरूरत है. इसलिए उनकी सुरक्षा में कटौती कर दी गई है.