
1 / 6
दिल्ली कैपिटल्स ने फिरोजशाह कोटला मैदान में पहले खेलते हुए महज 75 रन पर ऑल आउट हो गई, इसके जवाब में आरसीबी टीम ने आसान चेज 7वें ओवर और 9 विकेट बाकी रहते हुए पूरा कर लिया.

2 / 6
डीसी कैप्टन अक्षर पटेल ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, 'मुझे अब भी समझ नहीं आ रहा कि हुआ क्या, लेकिन सब कहते हैं कि क्रिकेट में, हर दिन आपको चौकन्ना रहना पड़ता है और आपको वापस आकर वही चीजें बार-बार करनी पड़ती हैं. लेकिन हां, जब आप अगले मैच में जाते हैं, तो आपको इसे भूलकर आगे बढ़ना होता है.'

3 / 6
जब अक्षर से सवाल पूछा गया कि क्या जब गुजरात टाइटंस के खिलाफ 1 रन की नजदीकी हार के बाद क्या दिल्ली कैपिटल्स की किस्मत बदल गई, इसको लेकर उन्होंने जवाब दिया, 'हां, अगर मैं आज की बात करूं, तो आप ऐसा सोच सकते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि 'अगर-मगर' तो होते ही रहेंगे. आप सोच सकते हैं कि अगर हमने GT मैच में वो कैच ले लिया होता या वो रन पूरा कर लिया होता, तो शायद मोमेंटम बना रहता. लेकिन ऐसी चीजें होती रहती हैं. जरूरी यहेहै कि आप हर दिन आएं और वही चीजें करते रहें, चौकन्ने रहें, और जो आप करते आ रहे हैं, वही करते रहें.'

4 / 6
अक्षर ने आगे कहा, 'आईपीएल एक बहुत मुश्किल टूर्नामेंट है - आप एक दिन के लिए भी यह नहीं सोच सकते कि चीजें आसानी से हो जाएंगी. आपको हर बार आकर अपना प्लान लागू करना होता है. हां, मोमेंटम मायने रखता है, लेकिन आप यह सोचते नहीं रह सकते कि 'अगर ऐसा हुआ होता तो क्या होता.' बेहतर यही है कि जो आपके सामने है, उस पर ध्यान दें.'

5 / 6
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमें आगे बढ़ना चाहिए. अगर आप नेगेटिव सोचेंगे, तो आप मैच हार जाएंगे. अगर आप पॉजिटिव सोचेंगे, तो आप अच्छा परफॉर्म कर पाएंगे. इसलिए हमें इसे भूलकर आगे बढ़ना होगा. मैं टीम से भी यही कहूंगा कि एक खराब मैच का मतलब ये नहीं है कि आप एक-दूसरे पर उंगली उठाना या बैटर्स को दोष देना शुरू कर दें. हमें पॉजिटिव रहना होगा, पिछले 6-7 मैचों में हम जो करते आ रहे हैं, उसे जारी रखना होगा, और सही माइंडसेट बनाए रखना होगा.'

6 / 6
जब सवाल हुआ कि क्या शुरुआत में गेंद में इतनी ज्यादा मूवमेंट देखकर हैरानी हुई?, तब अक्षर ने कहा, 'मैं ये नहीं कहूंगा कि हैरानी हुई- वो वर्ल्ड-क्लास बॉलर्स हैं और वो गेंद को कहीं भी स्विंग करा सकते हैं, उन्होंने हर मैदान पर ऐसा किया है. लेकिन हां, मुझे लगता है कि अगर हमारे ओपनर्स या टॉप-ऑर्डर के किसी बैटर ने शुरुआती कुछ ओवर्स को बेहतर तरीके से खेला होता, तो शायद कुछ फर्क पड़ सकता था और मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था. लेकिन जिस तरह से उन्होंने बॉलिंग की, उसका क्रेडिट उन्हें ही जाता है.