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खगोलविदों ने अंतरिक्ष में RACS J0320-35 नाम का एक ऐसा विशालकाय ब्लैक होल खोज निकाला है जो आकार में हमारे सूरज से एक अरब गुना ज्यादा भारी हो चुका है. यह महादानव बिग बैंग के मात्र 92 करोड़ साल बाद पैदा हुआ था और तब से लगातार बेहद डरावनी रफ्तार के साथ बढ़ता ही जा रहा है.
कितना भूखा है यह?

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यह ब्लैक होल इतना ज्यादा भूखा है कि यह हर साल 300 से लेकर 3000 सूरज के बराबर का सारा मटेरियल डकार जाता है जो वाकई में हैरान करने वाली बात है. नासा के चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी से मिले डेटा ने अब यह साबित कर दिया है कि यह ब्लैक होल विज्ञान की तय की गई पुरानी सीमाओं को भी तोड़ रहा है.
क्या है एडिंग्टन लिमिट?

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विज्ञान की एडिंग्टन लिमिट थ्योरी कहती है कि कोई भी ब्लैक होल एक खास रफ्तार से ज्यादा तेजी से नहीं बढ़ सकता क्योंकि रेडिएशन उसे पीछे धकेलता है. लेकिन इस दानव ने विज्ञान के उस पुराने नियम को 2.4 गुना तेजी से तोड़कर वैज्ञानिकों को पूरी तरह से सोच में डाल दिया है.
कैसे बना इतना बड़ा?

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वैज्ञानिक पहले यह मानते थे कि इतने बड़े ब्लैक होल को बनने में अरबों साल का लंबा वक्त लगता है लेकिन इस खोज ने सारे पुराने दावे फेल कर दिए हैं. यह महज एक छोटे तारे के फटने से बना था लेकिन अपनी बेतहाशा भूख की वजह से पलक झपकते ही यह एक विशालकाय दानव का रूप ले चुका है.
क्या है नई चुनौती?

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हार्वर्ड के रिसर्चर्स का कहना है कि इतनी तेज रफ्तार से किसी ब्लैक होल का बढ़ना एक बड़ा झटका है जो किसी नई और अनसुनी फिजिक्स की ओर इशारा करता है. यह ब्लैक होल इतना चमकदार है कि अपनी पूरी गैलेक्सी से भी ज्यादा रोशनी फैला रहा है और साथ ही खतरनाक जेट्स भी उगल रहा है.
क्या खुलेंगे नए राज?

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यह अद्भुत खोज शुरुआती ब्रह्मांड के अनगिनत रहस्यों को खोलने वाली एक बड़ी चाबी साबित हो सकती है जिससे गैलेक्सी बनने की प्रक्रिया समझ आएगी. अब वैज्ञानिक यह मान रहे हैं कि प्राचीन ब्रह्मांड में ऐसे 'फास्ट ईटर्स' ब्लैक होल शायद बहुत आम थे जिन्होंने पूरी दुनिया को आकार दिया है.