नई भविष्यवाणी! भयानक विस्फोट दहलाएंगे, धरती और जीवन दोनों होंगे खत्म, जानें क्या कहती है स्टडी?

नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां चौंकाने और डराने वाली होती हैं, लेकिन अब इन दोनों की भविष्यवाणियों से ज्यादा डराने वाली भविष्यवाणी हुई है। एक नए 'बाबा' सामने आए हैं, जिन्होंने धरती और जीवन के अंत को लेकर भविष्यवाणी की है।

NASA Supercomputer Prediction
1 / 7

अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA के सुपरकंप्यूटर ने भविष्यवाणी की है कि पृथ्वी और जीवन का अंत कब होगा? सुपरकंप्यूटर कहता है कि धरती पर 100 करोड़ साल बाद जीवन खत्म हो जाएगा। सारे जीव-जंतु और इंसान मर जाएंगे। सूरज की बढ़ती गर्मी और रोशनी से धरती पर धमाके होंगे, जिससे धरती में छेद होंगे। ऑक्सीजन लीक होने से हवा में ऑक्सीजन की कमी होगी तो इंसान और जीव-जंतु सांस नहीं ले पाएंगे।

विज्ञापन

नेचर जियोसाइंस जर्नल में छापी रिसर्च

नेचर जियोसाइंस जर्नल में छापी रिसर्च2 / 7

नासा के वैज्ञानिक काजुमी ओजाकी और क्रिस्टोफर टी रेनहार्ड से स्टडी की है, जिसे नेचर जियोसाइंस जर्नल में छापा गया है। दोनों वैज्ञानिक कहते हैं कि पुरानी रिसर्च में धरती और जीवन के अंत के लिए 200 करोड़ का समय बताया गया था, लेकिन नई रिसर्च के अनुसार धरती और जीवन का अंत 100 करोड़ साल बाद ही जो जाएगा। 100 करोड़ साल बाद धरती पर हवा में ऑक्सीजन एक प्रतिशत से भी कम रह जाएगी।

विज्ञापन

ऑक्सीजन की कमी

ऑक्सीजन की कमी3 / 7

वैज्ञानिक ओजाकी और रेनहार्ड कहते हैं कि धरती पर ऑक्सीजन की कमी से जीवन का अंत होगा। इसके बाद सूरज की बढ़ती गर्मी जीवन खत्म करेगी। ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो इंसान और जानवर मर जाएंगे। पेड़-पौधे सूखकर खत्म हो जाएंगे। बैक्टीरिया लाइफ ही बचेगी। यह आज से ठीक साल 10,00,00,2021 के आस-पास होगा। पहले ऑक्सीजन की कमी होगी, फिर सूरज की गर्मी बढ़ने से धरती सूख जाएगी।

सूरज की किरणें

सूरज की किरणें4 / 7

वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी के कार्बोनेट-सिलिकेट साइकिल और सूरज की किरणें को कारण ऑक्सीजन खत्म होगी। आज पौधे और सूक्ष्म जीव ऑक्सीजन बनाते हैं और कार्बन-डाई-ऑक्साइड छोड़ते हैं, लेकिन भविष्य में वे इतनी गर्मी में नहीं रह पाएंगे। जब पौधे और सूक्ष्म जीव नहीं रहेंगे तो ऑक्सीजन नहीं बनेगी। ऑक्सीजन की कमी होगी और सूरज की तपन बढ़ेगी तो धरती सूख जाएगी। धीरे-धीरे ऑक्सीजन खत्म होने से जीवन खत्म होगा।

विज्ञापन

समुद्र का पानी हवा बनेगा

समुद्र का पानी हवा बनेगा5 / 7

नासा के एस्ट्रोबायोलॉजी इंस्टीट्यूट के डेटा के अनुसार, सूरज प्रतिदिन गर्म होता जा रहा है। इसकी चमक भी बढ़ती जा रही है। जब सूरज की धधकती किरणें धरती पर पड़ेगी तो धरती सतह सूख जाएगी। समुद्र का पानी हवा में चला जाएगा और ऑक्सीजन बननी बंद हो जाएगी। आज धरती की हवा में 20 प्रतिशत ऑक्सीजन है, जिसे पौधे और छोटे जीव बनाते हैं, लेकिन सूरज की गर्मी बढ़ने से पौधे और सूक्ष्म जीव मर जाएंगे।

ग्रेट ऑक्सीडेशन इवेंट

ग्रेट ऑक्सीडेशन इवेंट6 / 7

वैज्ञानिकों के अनुसार, सुपरकंप्यूटर ने सूरज की चमक, पृथ्वी के मौसम और केमिकल साइकिल के आधार पर गणना की। रिसर्च कहती है कि 25 अरब साल पहले जो हुआ था, ठीक वही 100 करोड़ साल बाद होगा। 25 अरब साल पहले धरती पर ऑक्सीजन बहुत कम थी, लेकिन नए जीवों ने ऑक्सीजन बनानी शुरू की तो पुराने सारे जीवन मर गए। आज हम उसी नई ऑक्सीजन वाली हवा में सांस ले रहे हैं। नए जीवनों के ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया को ग्रेट ऑक्सीडेशन इवेंट कहते हैं।

विज्ञापन

क्या इंसान जिंदा बचेगा?

क्या इंसान जिंदा बचेगा?7 / 7

वैज्ञानिक कहते हैं कि 100 करोड़ का साल बहुत लंबा है। इंसान चाहे तो दूसरे ग्रहों पर जीवन तलाशकर वहां बस सकता है। जलवायु परिवर्तन जैसे संकट सुलझा ले तो भी जिंदा बच सकता है। नई तकनीक से ऑक्सीजन बना सकते हैं तो नेचुरल ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ेगा। आज पौधों की वजह से ही ऑक्सीजन है। सूरज की गर्मी बढ़ने से यह ऑक्सीजन खत्म होगी। इसलिए अंतरिक्ष वैज्ञानिक दूसरे ग्रहों पर जीवन ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह एक खौफनाक सच्चाई है कि ऑक्सीजन मिलेगी तो ही इंसान जिंदा रह पाएगा।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन