किसने बनवाया था केदारनाथ मंदिर? 144 साल पहले ऐसी दिखती थी झलक

केदारनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत हो चुकी है. भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक तीर्थयात्रा पर हजारों लोग जाने वाले हैं. उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित, यह मंदिर सर्दियों में महीनों तक बंद रहने के बाद एक बार फिर भक्तों के लिए खुल गया है. शुरुआती कुछ ही दिनों में, इस तीर्थस्थल पर भारी भीड़ देखने को मिली है, जिसमें हजारों तीर्थयात्री इस आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण यात्रा पर निकले हैं.

kedarnath rare photo
1 / 7

विज्ञापन

आनंद महिंद्रा ने शेयर की 144 साल पुरानी तस्वीर

आनंद महिंद्रा ने शेयर की 144 साल पुरानी तस्वीर2 / 7

वहीं, आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर इसके अतीत की एक दुर्लभ तस्वीर साझा की है. बता दें कि 26 अप्रैल को, उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने X (पहले Twitter) पर केदारनाथ धाम की सबसे पुरानी तस्वीरों में से एक तस्वीर साझा की; यह तस्वीर 1882 में ली गई थी. उन्होंने बताया कि इस तस्वीर ने तुरंत ही उनका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अपनी पोस्ट में, महिंद्रा ने इस बात का जिक्र किया कि जिस समय यह तस्वीर ली गई थी, उस समय इस तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए न तो कोई सड़क थी, न कोई रेलवे स्टेशन और न ही कोई हेलीकॉप्टर.

विज्ञापन

आज वहां तक पहुंचना आसान है- आनंद महिंद्रा

आज वहां तक पहुंचना आसान है- आनंद महिंद्रा3 / 7

उन्होंने केदारनाथ को 'भगवान शिव का धाम, जो हिमालय की गोद में बसा है' बताया, और साथ ही यह भी कहा कि उन दिनों इस यात्रा के लिए समय, सहनशक्ति और आस्था की जरूरत होती थी. महिंद्रा के अनुसार, तीर्थयात्रा के अनुभव में यह सफर ही सबसे अहम हिस्सा था. हालांकि उन्होंने यह माना कि आज वहां तक ​​पहुंचना आसान हो गया है, जो एक सकारात्मक बदलाव है और जिससे अब ज्यादा लोग इस पवित्र धाम के दर्शन कर पाते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने एक विचारणीय सवाल भी उठाया - क्या सफर को धीरे-धीरे तय करने और उसका पूरा आनंद लेने की क्षमता को बचाकर रखना जरूरी है?

सीजन शुरू होते ही केदारनाथ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़

सीजन शुरू होते ही केदारनाथ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़4 / 7

महिंद्रा का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब केदारनाथ यात्रा जोर पकड़ रही है. रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर खुलने के शुरुआती तीन दिनों के अंदर ही 1.1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए हैं. मंदिर प्रशासन और धार्मिक नेताओं ने इस सीजन में श्रद्धालुओं की यात्रा को सुचारू बनाने का श्रेय उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए बेहतर बुनियादी ढांचे और कुशल योजना को दिया है.

विज्ञापन

हर साल सीमित समय के लिए ही खुलता है मंदिर

हर साल सीमित समय के लिए ही खुलता है मंदिर5 / 7

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगभग 3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, केदारनाथ भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और देश के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से भी एक है. इस क्षेत्र में मौसम की अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण, यह मंदिर हर साल केवल सीमित समय के लिए ही दर्शन के लिए खुला रहता है.

तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य

तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य6 / 7

पिछले वर्षों की तरह ही, केदारनाथ यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य है. तीर्थयात्री यह प्रक्रिया उत्तराखंड पर्यटन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन, या हरिद्वार, ऋषिकेश और सोनप्रयाग में बने निर्धारित ऑफलाइन काउंटरों पर जाकर पूरी कर सकते हैं. भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, यात्रा मार्ग पर कई जगहों पर पंजीकरण के विवरण की जांच की जाती है.

विज्ञापन

यात्रियों को दी गई सलाह

यात्रियों को दी गई सलाह 7 / 7

भक्तगण पारंपरिक पैदल यात्रा करके या फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करके केदारनाथ पहुंच सकते हैं. अधिकारी तीर्थयात्रियों को लगातार सलाह दे रहे हैं कि वे आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें, अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े रखें और इस क्षेत्र के तेजी से बदलते मौसम के प्रति सचेत रहें.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें
विज्ञापन