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जब कभी भी किसी व्यक्ति के सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है तो उसे वो माइग्रेन से जोड़ते हैं. माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसका दर्द आमतौर पर सिर के एक हिस्से में होता है. हालांकि, शास्त्रों में कुछ और कारणों के बारे में भी बताया गया है, जिनकी वजह से सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है. चलिए जानते हैं इस तरह के दर्द के संभावित कारण और इससे राहत पाने के धार्मिक उपायों के बारे में.
सूर्य-चंद्रमा ग्रह का असंतुलन

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ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जिन लोगों की कुंडली में आत्मा के कारक ग्रह सूर्य और मन के दाता चंद्रमा साथ में अशुभ स्थिति में स्थित होते हैं, उन्हें सिर के आधे हिस्से में दर्द की समस्या रहती है. इसके अलावा सूर्य-चंद्रमा के ग्रहण योग और ग्रह सूर्य पर राहु की दृष्टि पड़ने से भी इस तरह का तेज दर्द होता है.
राहु-केतु ग्रह का असंतुलन

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कुंडली में साथ में छाया ग्रह राहु-केतु के कमजोर होने के कारण भी सिर के आधे हिस्से में दर्द की समस्या हो सकती है. इसके अलावा व्यक्ति गलत चीजों की तरह जल्दी आकर्षित होता है.
नजर दोष

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कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब व्यक्ति को बुरी नजर लगती है तो उसके सिर के आधे हिस्से में दर्द होने लगता है. साथ ही थकान और कमजोरी महसूस होती है.
पितृ दोष

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कुंडली में पितृ दोष होने के कारण भी सिर के आधे हिस्से में दर्द की समस्या व्यक्ति को परेशान कर सकती है. साथ ही परिवार में अशांति और बीमारियों के आने का खतरा बना रहता है.
सिर के आधे हिस्से के दर्द से बचने के उपाय

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अगर आपके सिर के भी आधे हिस्से में दर्द होता है तो नियमित रूप से सूर्य देव और हनुमान जी की पूजा करें. साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंत्र जाप करें. (All Image Credit- Freepik) (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)