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Lord Vishnu Mohini Avatar: विष्णु भगवान ने मोहिनी का रूप धारण किया था. आखिर भगवान को नारी का रूप क्यों धारण करना पड़ा था? चलिए इसके बारे में जानते हैं.
भगवान विष्णु के अवतार

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भगवान विष्णु के कई अवतारों के बारे में बताया गया है. उनके कई अवतारों में से एक मोहिनी अवतार है. विष्णु भगवान ने मोहिनी अवतार के रूप में नारी का रूप लिया था.
क्यों लिया था मोहिनी अवतार?

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भगवान विष्णु ने असुरों से अमृत कलश वापस लेने के लिए मोहिनी अवतार धारण किया था. उन्होंने सुंदर और मायावी नारी मोहिनी का रूप धारण किया. उनका रूप इतना मनमोहक था कि, उन्हें देखकर हर कोई सुध खो बैठता.
समुद्र मंथन के समय लिया था अवतार

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स्कंध पुराण के अनुसार, स्वर्ग लोक के श्रीहीन यानी धन-वैभव से विहीन होने पर देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया था. समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसे असुरों ने बलपूर्वक अपने पास रख लिया था.
भगवान विष्णु ने धारण किया नारी का रूप

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असुर अमृत कलश को लेकर अमर होना चाहते थे. उन्हें रोकने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार धारण किया था. मोहिनी अवतार लेने के बाद उन्होंने असुरों से कलश ले लिया था.
असुरों को छलने के लिए लिया था मोहिनी रूप

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मोहिनी रूप लेकर भगवान विष्णु ने असुरों को छला था. इसके बाद देवताओं को अमृत का पान कराया था. इस दौरान स्वर्भानु नामक असुर ने छल से देवताओं के साथ अमृत पान किया था. स्वर्भानु को भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से दो भागों में काट दिया था. इसके बाद स्वर्भानु का सिर वाला हिस्सा राहु और धड़ वाला हिस्सा केतु बन गया. (All Photo Credit- Social Media) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.