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Kedarnath Temple: केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है. यह प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है. हर साल लाखों की संख्या में भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं. इस मंदिर से जुड़े कुछ रहस्य और अनसुने तथ्यों के बारे में जानते हैं.
साल में 6 महीने खुलता है मंदिर

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अधिकतर मंदिर और धाम पूरे साल भक्तों के दर्शन के लिए खुले रहते हैं. केदारनाथ धाम साल में 6 महीने दर्शन के लिए खुलता है और बाकि 6 महीने मंदिर के कपाट बंद रहते हैं. मंदिर अप्रैल-मई के करीब खुलता है और नवंबर में भाई दूज पर यानी दिवाली के दो दिन बाद बंद होता है. बता दें कि, मंदिर को भारी बर्फबारी और ठंड के कारण बंद किया जाता है.
मंदिर का इतिहास

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केदारनाथ धाम एक प्राचीन धाम है. इसका संबंध महाभारत काल और पांडवों से माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पांडवों पर अपने ही भाइयों की हत्या के बाद गोत्र हत्या का पाप था. पांडवों ने पाप से मुक्ति के लिए इस मंदिर का निर्माण कराया था. यहां पांडवों को भगवान शिव के बैल (नंदी) रूप में दर्शन हुए थे.
400 वर्षों तक बर्फ में दफन रहा था मंदिर

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केदारनाथ मंदिर करीब 400 वर्षों तक बर्फ में पूरी तरह दबा रहा था. हिमालयन जियोलॉजी के अनुसार, 13वीं से 17वीं शताब्दी में हिमयुग के दौरान मंदिर 400 साल बंद रहा था. इसके बाद भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ. बता दें कि, केदारनाथ मंदिर को विशाल और कठोर पत्थरों से इंटर-लॉकिंग तकनीक से बनाया गया है. इसमें सीमेंट और चूने का इस्तेमाल नहीं हुआ है.
6 महीने तक जलती है अखंड ज्योति

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मंदिर के कपाट बंद होने के समय प्रतिमा को उखीमठ लेकर जाया जाता है. इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिये जाते हैं. इस दौरान मंदिर में जलने वाला दिया मंदिर के कपाट खुलने तक बुझता नहीं है. मंदिर में 6 महीने तक अखंड ज्योति जलती रहती है.
केदारनाथ मंदिर में हैं स्वयंभू शिवलिंग

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केदारनाथ धाम में स्थित शिवलिंग स्वयंभू मानी जाती है. यह त्रिकोणीय आकार की शिवलिंग है. मंदिर में मौजूद शिवलिंग को त्रिकोणीय आकार में भगवान शिव के बैल रूप (नंदी) के पीठ का हिस्सा मानते हैं.
पंच केदार का रहस्य

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केदारनाथ मंदिर का संबंध अन्य मंदिरों से है. इसका संबंध अन्य चार मंदिरों तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर, कल्पेश्वर से है. केदारनाथ समेत यह चार मंदिर मिलकर पंच केदार कहलाते हैं. यह सभी मंदिर उत्तराखंड में स्थित हैं. इन मंदिरों के अलावा नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को इन केदार मंदिरों का मुख्य केंद्र माना जाता है. बता दें कि, केदारनाथ धाम भगवान शिव के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है. (All Photo Credit- Social Media And AI) डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.