किस पत्थर से बनाया जाता था नीला रंग? सोने से भी ज्यादा हुआ करती थी कीमत

Neela Rang Kaise Banta Tha: सोने की कीमत से हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि एक वक्त था जब नीला रंग काफी महंगा हुआ करता था. कहा जाता है कि इसे एक खास तरह के पत्थर से बनाया जाता था, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है.

Ancient blue pigment origins
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इस खास पत्थर ने बनाया था नीला कलर. Image Credit- Freepik

Why Blue Colour Once Most Expensive: नीले रंग का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है. आप कहीं ना कहीं नीला रंग पेंट, कपड़ों या आर्ट में देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब नीला रंग इतना कीमती हुआ करता था कि इसकी कीमत सोने से भी ज्यादा होती थी? तब इसका इस्तेमाल बहुत कम किया जाता था, क्योंकि इसे अफगानिस्तान में मिलने वाले लाजुली पत्थर से बनाया जाता था. इसकी और भी बहुत खासियत हैं जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए.

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लैपिस लाजुली पत्थर से किया जाता था तैयार

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नीले रंग की कीमत कभी सोने जितनी महंगी हुआ करती थी. तब इसे अल्ट्रामरीन ब्लू के नाम से जाना जाता था और अफगानिस्तान के लैपिस लाजुली पत्थर से बनाया जाता था. इसकी निर्माण प्रक्रिया और दुर्लभता के कारण यह रईसी की पहचान बन गया था।

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खास तरीके से बनता था नीला रंग

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पुराने समय में इस पत्थर को पीसकर एक खास प्रक्रिया से गुजारा जाता था, जिससे अल्ट्रामरीन नाम का नीला रंग तैयार होता था. पहले पत्थर को बारीक पाउडर में बदला जाता था. फिर इसे मोम, तेल और दूसरी चीजों  के साथ मिलाया जाता था.

क्यों था इतना महंगा?

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इसकी महंगाई के पीछे कई कारण थे जैसे- लैपिस लाजुली का कम उपलब्ध होना, बनाने का तरीका मुश्किल होना, पत्थर की खासियत आदि. इसलिए यह तब सोने से भी ज्यादा महंगा हुआ करता था.

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किन कलाकारों ने किया इस्तेमाल?

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नीले रंग का इस्तेमाल तब हर कोई नहीं कर सकता है. उस वक्त सिर्फ कुछ कलाकार ही नीले रंग का इस्तेमाल करते थे जैसे- लियोनार्डो दा विंची, माइकल एंजेलो या वर्मीर आदि. इन सभी ने अपनी पेंटिंग्स में इस नीले रंग का इस्तेमाल किया.

दिलचस्प तथ्य

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कहा जाता है कि इस पत्थर का इस्तेमाल मिस्र में गहनों और सजावट के लिए किया जाता था. इसे राजसी पत्थर के नाम से जाना जाता था. आज भी असली अल्ट्रामरीन और लैपिस लाजुली का इस्तेमाल खास चीजों में किया जाता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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