लंगड़ा आम का नाम ‘लंगड़ा’ क्यों पड़ा? स्वाद से ज्यादा दिलचस्प है इसकी कहानी
गर्मीयों में आम खाने के अपना अलग ही मजा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है लंगड़ा आम का नाम 'लंगड़ा' कैसे पड़ा?

गर्मियों में फिर बढ़ी लंगड़ा आम की मांग
2 / 8आम का मौसम शुरू होते ही बाजारों में कई किस्में दिखाई देने लगती हैं. दशहरी, चौसा और सफेदा के साथ लंगड़ा आम भी लोगों की पहली पसंद माना जाता है, इसका स्वाद खास है, लेकिन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है.
नाम सुनते ही लोगों के मन में उठता है सवाल
3 / 8बहुत से लोग सोचते हैं कि इतने मशहूर और स्वादिष्ट आम का नाम आखिर 'लंगड़ा' क्यों रखा गया. हालांकि, इस नाम के पीछे अलग-अलग शहरों में अलग-अलग कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इसे और रोचक बनाती हैं.
मुरादाबाद में सुनाई जाती है अलग कहानी
4 / 8मुरादाबाद की एक मान्यता के अनुसार, पुराने समय में देसी आम छोटे और कम वजन वाले होते थे. लोग उन्हें हाथ में थैले से ले जाते थे, लेकिन लंगड़ा आम ज्यादा भारी माना जाता था, बस यहीं से इसका लंगड़ा आम नाम पड़ गया.
कंधे पर उठाकर ले जाने से जुड़ा नाम
5 / 8कहा जाता है कि लंगड़ा आम इतना वजनदार होता था कि लोग उसे हाथ की बजाय कंधे पर रखकर ले जाते थे. ज्यादा वजन होने से चलने का अंदाज बदल जाता था, इसलिए इसका नाम लंगड़ा पड़ा.
आकार भी बड़ा खास
6 / 8यह आम चौड़ा होता है और बढ़ते समय इसमें आगे की तरफ उभरी हुई चोंच जैसी बनावट दिखती है.
गूदेदार स्वाद ने बनाया लोगों का पसंदीदा
7 / 8लंगड़ा आम सिर्फ नाम से नहीं, स्वाद से भी खास पहचान रखता है. इसमें गूदा भरपूर होता है और स्वाद मीठा व खुशबूदार माना जाता है. इसी वजह से हर साल इसकी मांग काफी बढ़ जाती है.
हर शहर में अलग कहानी, नाम वही मशहूर
8 / 8लंगड़ा आम के नाम को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग मान्यताएं मिलती हैं. कहीं इसे वजन से जोड़ा जाता है तो कहीं आकार से. लेकिन इतना तय है कि यह नाम आज बेहद मशहूर बन चुका है. (Image: Pexels/AI)
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