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Hole In Vada Reason: वड़ा एक मशहूर दक्षिण भारतीय फूड है जिसे उत्तर भारत में भी बेहद शौक से खाया जाता है. क्रिस्पी और गोल्डन गर्म-गर्म वड़ा खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, साथ ही इसकी शेप भी बेहद यूनिक दिखाई देती है. लेकिन, क्या आप जानते हैं वड़ा या मेदू वड़ा बनाते हुए इसके बीच में छेद क्यों किया जाता है? वड़ा में छेद सजावट के लिए नहीं किया जाता है बल्कि इस डिटेलिंग के पीछे बेहद ही खास वजह है.
मेदू वड़ा में छेद क्यों किया जाता है

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मेदू वड़ा एक स्पेशल टेक्नीक से बनाया जाता है. वड़ा को उड़द की दाल पीसकर बनाया जाता है और इसका घोल गाढ़ा होता है जिसे अच्छी तरह पकाना जरूरी है. वड़ा के बीच में बना छेद तेल को इसके हर हिस्से तक पहुंचाता है जिसके कारण वड़ा बाहर और अंदर दोनों तरह से अच्छे से पकता है. अगर वड़ा के बीच में छेद नहीं होगा तो यह बीच से कच्चा रह जाएगा.
शेप इसे हल्का बनाती है

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वड़ा में छेद करने से यह हल्का हो जाता है. यह पूरी तरह से तेल के संपर्क में आता है तो इसे पकने में कम समय लगता है और कम तेल सोखता है.
बनता है क्रिस्पी

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वड़ा के बीच में छेद होने से यह कम समय में ही पक जाता है और तेल कम सोखता है जिससे इसे अपना क्रिस्पी टेक्सचर मिलता है. इस छेद के ही कारण वड़ा बाहर से क्रिस्पी होता है और अंदर से पका हुआ और मुलायम रहता है.
शेप बनी रहती है

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वड़ा बनाने के लिए इसके घोल को हथेली पर रखकर उसमें छेद किया जाता है और उसे तेल में डाला जाता है. इस तरह छेद बनाने से मेदू वड़ा की शेप बनी रहती है और उसे पलटना आसान होता है.
क्रिस्पीनेस बढ़ जाती है

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वड़ा में छेद किया जाए तो इसके ज्यादा हिस्से तेल के संपर्क में आते हैं और क्रिस्पी हो जाते हैं. इससे हर बाइट में वड़ा क्रिस्पी लगता है.
वड़ा में छेद ना हो तो क्या होगा

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वड़ा के बीच में छेद ना किया जाए तो इससे वड़ा बाटी की तरह बन जाएगा. इसे तेल में डालते ही यह जल्दी भूरा हो जाएगा लेकिन इसके अंदर बीच का हिस्सा नहीं पक पाएगा और कच्चा रह जाएगा.