वड़ा के बीच में क्यों किया जाता है छेद? सजावट नहीं बल्कि यह है असल वजह

Vada Me Chhed Kyu Hota Hai: हम सभी वड़ा को बेहद स्वाद लेकर खाते हैं. यह ना सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि इसका आकार भी सुंदर लगता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं वड़ा में छेद क्यों किया जाता है?

Why do we put a hole in a vada
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Why do we put a hole in a vada

Hole In Vada Reason: वड़ा एक मशहूर दक्षिण भारतीय फूड है जिसे उत्तर भारत में भी बेहद शौक से खाया जाता है. क्रिस्पी और गोल्डन गर्म-गर्म वड़ा खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, साथ ही इसकी शेप भी बेहद यूनिक दिखाई देती है. लेकिन, क्या आप जानते हैं वड़ा या मेदू वड़ा बनाते हुए इसके बीच में छेद क्यों किया जाता है? वड़ा में छेद सजावट के लिए नहीं किया जाता है बल्कि इस डिटेलिंग के पीछे बेहद ही खास वजह है.

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मेदू वड़ा में छेद क्यों किया जाता है

मेदू वड़ा में छेद क्यों किया जाता है 2 / 7

मेदू वड़ा एक स्पेशल टेक्नीक से बनाया जाता है. वड़ा को उड़द की दाल पीसकर बनाया जाता है और इसका घोल गाढ़ा होता है जिसे अच्छी तरह पकाना जरूरी है. वड़ा के बीच में बना छेद तेल को इसके हर हिस्से तक पहुंचाता है जिसके कारण वड़ा बाहर और अंदर दोनों तरह से अच्छे से पकता है. अगर वड़ा के बीच में छेद नहीं होगा तो यह बीच से कच्चा रह जाएगा.

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शेप इसे हल्का बनाती है

शेप इसे हल्का बनाती है 3 / 7

वड़ा में छेद करने से यह हल्का हो जाता है. यह पूरी तरह से तेल के संपर्क में आता है तो इसे पकने में कम समय लगता है और कम तेल सोखता है.

बनता है क्रिस्पी

बनता है क्रिस्पी 4 / 7

वड़ा के बीच में छेद होने से यह कम समय में ही पक जाता है और तेल कम सोखता है जिससे इसे अपना क्रिस्पी टेक्सचर मिलता है. इस छेद के ही कारण वड़ा बाहर से क्रिस्पी होता है और अंदर से पका हुआ और मुलायम रहता है.

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शेप बनी रहती है

शेप बनी रहती है 5 / 7

वड़ा बनाने के लिए इसके घोल को हथेली पर रखकर उसमें छेद किया जाता है और उसे तेल में डाला जाता है. इस तरह छेद बनाने से मेदू वड़ा की शेप बनी रहती है और उसे पलटना आसान होता है.

क्रिस्पीनेस बढ़ जाती है

क्रिस्पीनेस बढ़ जाती है 6 / 7

वड़ा में छेद किया जाए तो इसके ज्यादा हिस्से तेल के संपर्क में आते हैं और क्रिस्पी हो जाते हैं. इससे हर बाइट में वड़ा क्रिस्पी लगता है.

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वड़ा में छेद ना हो तो क्या होगा

वड़ा में छेद ना हो तो क्या होगा 7 / 7

वड़ा के बीच में छेद ना किया जाए तो इससे वड़ा बाटी की तरह बन जाएगा. इसे तेल में डालते ही यह जल्दी भूरा हो जाएगा लेकिन इसके अंदर बीच का हिस्सा नहीं पक पाएगा और कच्चा रह जाएगा.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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