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गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही लोग परिवार और दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बनाने लगते हैं. ज्यादातर लोग शिमला, मनाली और मसूरी जैसी जगहों पर जाते हैं, लेकिन अब कई लोग भारत की अनछुई और खूबसूरत लोकेशंस को एक्सप्लोर करना चाहते हैं. हालांकि कुछ जगहों पर जाने से पहले खास परमिट लेना जरूरी होता है, भले आप भारतीय न हो.
हर जगह सिर्फ टिकट बुक करना काफी नहीं

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भारत में कई ऐसे इलाके मौजूद हैं जहां सिर्फ होटल बुकिंग और टिकट कराने से काम नहीं चलता. कुछ सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों को भी एंट्री के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है. यह नियम सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों की संस्कृति बचाने के लिए बनाए गए हैं, इसके खिलाफ जाने वालों पर कार्रवाई तक हो जाती है.
अरुणाचल प्रदेश

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अरुणाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत वादियों, पहाड़ों और शांत माहौल के लिए मशहूर है. तवांग, जीरो वैली और बुमला पास जैसी जगहें पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं. लेकिन चीन सीमा के पास होने की वजह से यहां जाने से पहले इनर लाइन परमिट यानी ILP लेना अनिवार्य है, बिना इसके यहां आप नहीं घूम सकते और पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
सिक्किम

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सिक्किम की राजधानी गंगटोक और आसपास के कई क्षेत्रों में घूमने के लिए परमिट की जरूरत नहीं होती. लेकिन नाथू ला पास, त्सोमगो लेक और गुरुडोंगमार लेक जैसे संवेदनशील इलाकों में जाने के लिए अनुमति लेना जरूरी है क्योंकि ये बॉर्डर के पास स्थित हैं.
लद्दाख

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लद्दाख एडवेंचर पसंद करने वालों की पसंदीदा जगह बन चुका है. हर साल हजारों लोग यहां रोड ट्रिप के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पैंगोंग लेक, नुब्रा वैली और त्सो मोरिरी जैसी जगहों पर जाने के लिए इनर लाइन परमिट लेना जरूरी होता है, जिसे अब ऑनलाइन भी बनवाया जा सकता है.
नागालैंड और मिजोरम में भी लागू है ये खास नियम

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पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड और मिजोरम जैसे राज्यों में भी इनर लाइन परमिट सिस्टम लागू है. ये राज्य अपनी अनोखी जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं. परमिट नियम यहां की स्थानीय पहचान और संसाधनों की सुरक्षा में मदद करते हैं.
लक्षद्वीप और अंडमान में भी हैं सख्त नियम

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अगर आप समुद्र किनारे छुट्टियां बिताने की योजना बना रहे हैं तो लक्षद्वीप जाने से पहले परमिट लेना जरूरी है. वहीं अंडमान के कुछ द्वीपों पर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड इसका बड़ा उदाहरण है, जहां बाहरी लोगों की एंट्री नहीं होती.
कैसे मिलता है परमिट

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कई लोगों को परमिट सिस्टम झंझट लग सकता है, लेकिन इसका बड़ा फायदा है. इससे प्राकृतिक सुंदरता, सफाई, स्थानीय संस्कृति और सुरक्षा बनी रहती है. इसलिए किसी भी ऐसी जगह पर ट्रिप प्लान करने से पहले नियम जरूर जांच लें, ताकि आपकी यात्रा बिना परेशानी के पूरी हो सके.
अस्वीकरण: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और पब्लिक डोमेन में मौजूद अन्य स्रोतों पर आधारित हैं. News24 इनकी पुष्टि नहीं करता है. (Image: Pexels/AI)