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मार्केट में मिलने वाले कई फूड्स को लोग शाकाहारी समझकर बड़े शौक से खाते हैं लेकिन असल में वे मांसाहारी होते हैं. ऐसी चीजों को वेज समझकर खाना आपकी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है जिसकी हकीकत जानना बेहद जरूरी है.
डोनट्स का क्या है सच?

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डोनट्स जैसी मीठी पेस्ट्री को बनाने के लिए एल-सिस्टीन का इस्तेमाल होता है जो बत्तख के पंखों से मिलने वाले एमिनो एसिड से बनता है. वेज दिखने वाली यह चीज असल में नॉनवेज की केटेगरी में आती है जिसे जानकर लोग अक्सर हैरान रह जाते हैं.
जेली क्यों है मांसाहारी?

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जेली को बनाने में जिलेटिन का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है जो जानवरों की हड्डियों और उनकी खाल से तैयार किया जाता है. बच्चों की पसंद मानी जाने वाली यह जेली पूरी तरह शाकाहारी नहीं होती क्योंकि इसमें जानवरों के अंगों का अर्क होता है.
सूप में क्या मिलाया जाता है?

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होटल या रेस्टोरेंट में मिलने वाले सूप का स्वाद बढ़ाने के लिए अक्सर उसमें मछली से बनी सॉस या चटनी को मिलाया जाता है. लोग इसे सेहतमंद वेज सूप समझकर पी लेते हैं लेकिन इसमें मिलाई गई फिश सॉस इसे पूरी तरह मांसाहारी बना देती है.
सफेद चीनी का राज क्या है?

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कई बार चीनी को रिफाइंड और एकदम सफेद बनाने के लिए नेचुरल कार्बन यानी जानवरों की हड्डियों के चूरे का इस्तेमाल किया जाता है. घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाली यह सफेद चीनी भी इस प्रक्रिया की वजह से शाकाहार की श्रेणी से बाहर हो जाती है.