Father Daughter Relationship: पिता और बेटी का रिश्ता सबसे खास रिश्तो में से एक होता है. पिता और बेटी का रिश्ता समय के साथ नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातचीत, भरोसे और साथ बिताए गए पलों से मजबूत होता है. कई पिता अपने परिवार के लिए मेहनत तो बहुत करते हैं पर काम में बिजी होने के कारण वो अपनी बेटी से खुलकर बात नहीं कर पाते या समय नहीं निकाल पाते. लेकिन, कुछ छोटी आदतों को अपनाने से इमोशनल जुड़ाव और भी बेहतर हो सकता है. पेरेंटिंग कोच रिद्धि देवराह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल वीडियो पोस्ट करके ऐसे कुछ कामों का जिक्र किया है जो पिता और बेटी साथ करें तो रिश्ता मजबूत हो सकता है.
3-4 मिनट की वॅाक जरूर करें

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कोच कहती हैं कि हर दिन अपने समय में से 3 से 5 मिनट निकालकर अपनी बेटी के साथ वॅाक जरूर करें. इस समय अपने मोबाइल से खुद भी दूर रहें और अपनी बेटी को भी फोन को दूर रखने की सलाह दें. अपनी बेटी की बात सुनें जैसे उसके दिन के बारे में, उसकी लाइफ के बारे में, किसी समस्या के बारे में. अपनी बेटी को ये महसूस कराएं कि उसकी बातें सुनी जा रही हैं. यह करने से आपके रिश्ते में ट्रस्ट फैक्टर बढ़ेगा.
अपने बचपन के किस्से शेयर करें

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बेटी के साथ अपने बचपन के किस्से के जरिए अपनी गलतियों, मुश्किलों और उनसे मिली सीख के बारे में बताएं. जब एक पिता अपनी कमजोरी या गलती को शेयर करता है तो बेटी को समझ आता है कि परफेक्ट होना जरूरी नहीं है. अपनी बेटी को समझाएं कि गलतियां, फेलियर और मुश्किलें ये सभी लाइफ का हिस्सा हैं.
मांग और जरूरत के बीच बैलेंस

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पेरेंटिंग कोच ने ये भी बताया कि अपनी बेटी की हर जिद पूरी न करें, लेकिन उसे बेसिक जरूरतों से दूर भी न रखें. हद से ज्यादा लाड़-प्यार बेटी को बिगाड़ सकता है और हद से ज्यादा पाबंदियां उसे आपसे दूर कर सकती हैं. इसलिए बैलेंस बहुत जरूरी है. किसी चीज के लिए ना कहना भी प्यार का ही हिस्सा होता है ताकि आपकी बेटी धैर्य सीख सके.
करियर और पैसों पर चर्चा

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अपनी बेटी के साथ केवल नॉर्मल बातें न करें बल्कि बेटी को काम, बिजनेस और पैसों से जुड़ी बातों में भी शामिल करें. बेटी को यह महसूस कराएं कि उसकी दुनिया केवल घर तक सीमित नहीं है बल्कि करियर, काम, पैसों से भी जुड़ी है. पैसों की सही समझ आपकी बेटी को और भी इंडिपैंडेन्ट बनाती है.
रोज पूछिए ये सवाल

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दिन में कम से कम एक बार अपनी बेटी से जरूर पूछिए कि 'क्या पापा आपके लिए कुछ कर सकते हैं?'. ये एक छोटा सा सवाल आपकी बेटी के मन में सुरक्षा की भावना को बढ़ा देता है. यह सवाल आपकी बेटी को यह एहसास दिलाता है कि आप हमेशा उसके लिए उपलब्ध हैं. ये करना आपकी बेटी का आत्मसम्मान भी बढ़ा सकता है. इसलिए ये एक डेली रिचुअल बना लें.