ये है दुनिया का सबसे ऊंचा शहर: जहां आधी ऑक्सीजन में जीते हैं लोग, गोल्ड की तलाश में दांव पर जिंदगी

पेरू का La Rinconada दुनिया का सबसे ऊंचा शहर है, जहां समुद्र तल से 5,000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर लोग रहते हैं. यहां ऑक्सीजन बेहद कम है, बुनियादी सुविधाएं लगभग नहीं हैं और लोग सोने की खदानों में काम करके अपना गुजारा करते हैं.

World’s Highest City La Rinconada
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Credit: AI

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दुनिया का सबसे ऊंचा शहर

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La Rinconada पेरू के एंडीज पर्वतों में बसा दुनिया का सबसे ऊंचा शहर माना जाता है. ये समुद्र तल से करीब 5,100 मीटर (16,700 फीट) की ऊंचाई पर मौजूद है. इतनी ऊंचाई पर रहना आमतौर पर इंसानों के लिए बेहद कठिन होता है, लेकिन यहां हजारों लोग सालों से जीवन बिता रहे हैं. ये शहर बर्फीली पहाड़ियों और ग्लेशियर के पास बसा है, जिससे यहां का तापमान अक्सर शून्य से नीचे रहता है.

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यहां आधी ऑक्सीजन में जीवन

यहां आधी ऑक्सीजन में जीवन3 / 8

इस ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा लगभग आधी रह जाती है. नए आने वाले लोगों को 'हाई एल्टीट्यूड सिकनेस' हो जाती है, जिसमें सिरदर्द, उल्टी, चक्कर और सांस लेने में परेशानी शामिल है. यहां रहने वाले लोग धीरे-धीरे इस माहौल के आदी हो जाते हैं, लेकिन फिर भी उनके शरीर पर इसका असर लगातार बना रहता है.

50 हजार लोगों का बसेरा

50 हजार लोगों का बसेरा4 / 8

Peru के इस इलाके में 30,000 से 50,000 के बीच आबादी रहती है. ज्यादातर लोग गरीब मजदूर हैं जो काम की तलाश में यहां आते हैं. शहर में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसके हिसाब से कोई प्लानिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं हो पाया है.

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सोने की खदानों पर टिकी जिंदगी

सोने की खदानों पर टिकी जिंदगी5 / 8

यहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह गोल्ड माइनिंग पर आधारित है. लोग दूर-दूर से इस उम्मीद में आते हैं कि उन्हें सोना मिलेगा और अमीर बन जाएंगे. हालांकि हकीकत में ज्यादातर लोगों को बहुत कम फायदा मिलता है और वो मुश्किल हालात में ही जिंदगी बिताते हैं.

बिना सैलरी के काम करने का सिस्टम

बिना सैलरी के काम करने का सिस्टम6 / 8

यहां 'Cachorreo' नाम का अनोखा सिस्टम चलता है. मजदूर महीने के लगभग 30 दिन बिना किसी सैलरी के काम करते हैं. इसके बदले उन्हें एक दिन मिलता है, जब वे खुद के लिए खदान से पत्थर निकाल सकते हैं और अगर उसमें सोना मिल जाए तो वही उनकी कमाई होती है. ये सिस्टम काफी जोखिम भरा और अनिश्चित है.

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बुनियादी सुविधाओं की कमी

बुनियादी सुविधाओं की कमी7 / 8

शहर में पीने के पानी, साफ-सफाई और सीवेज सिस्टम की भारी कमी है. लोग ग्लेशियर से पिघलने वाले पानी का इस्तेमाल करते हैं, जो कई बार दूषित होता है. कचरा खुले में फेंका जाता है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और बदबू फैली रहती है.

खतरनाक प्रदूषण

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सोना निकालने के लिए पारे (Mercury) का इस्तेमाल होता है, जो बेहद जहरीला होता है. ये पानी और मिट्टी में मिलकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है. यहां रहने वाले लोगों के शरीर में भी पारे का असर पाया गया है, जिससे लंबे समय में गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. (All Photos Credit: Social Media )

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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