चीन को क्यों कहते हैं ड्रैगन? क्या किसी और देश को भी मिला है ऐसा ही कोई नाम?
आपने भी कभी न कभी चीन को ड्रैगन कहते हुए जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चीन कोई अकेला देश नहीं है जिसकी ऐसी कोई प्रतीकात्मक पहचान है. चीनी सभ्यता में ड्रैगन का डर का प्रतीक नहीं है बल्कि एकता, समृद्धि और दैवीय सत्ता का एक शक्तिशाली प्रतीक है. तो चलिए आज हम जानते हैं कि आखिर चीन का नाम ड्रैगन कैसे पड़ा.

ड्रैगन की संतान
2 / 6चीन के लिए ड्रैगन शब्द कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है बल्कि यह एक गहरी जड़ें जमा चुकी एक बेहद पुरानी सांस्कृतिक पहचान है. सदियों से चीनी लोग खुद को ड्रैगन की संतान कहते आए हैं.
चीन के लोगों ने बनाया मिश्रित प्रतीक
3 / 6परंपरा के अनुसार, सम्राट हुआंग डी ने अलग-अलग कबीलों को एकजुट किया और उनके प्रतीकों को मिलाकर एक मिश्रित प्रतीक बनाया. यह एकीकृत आकृति बाद में ड्रैगन के रूप में विकसित हो गई.
प्राचीन चीन में सम्राटों से जुड़ा था ड्रैगन
4 / 6प्राचीन चीन में ड्रैगन सम्राटों से गहराई से जुड़ा हुआ था. वे खुद को दैवीय शासक मानते थे. यह शाही पोशाकों और महलों पर दिखाई देता था.
चीनी संस्कृति में ड्रैगन के मायने
5 / 6ड्रैगन को विनाशकारी जीव के रूप में चित्रित करने वाली पश्चिम धारणाओं के विपरीत चीनी संस्कृति में ड्रैगन, ज्ञान, समृद्धि, सुरक्षा और सौभाग्य का प्रतीक है. इससे यह पूजनीय बन जाता है.
भारत हाथी और जापान उगते सूरज की भूमि
6 / 6बता दें कि भूटान-थंडर ड्रैगन की भूमि, भारत-हाथी और जापान- उगते सूरज की भूमि कहलाए जाते हैं. ये उपाधि आधिकारिक नहीं होती है बल्कि यह दर्शाती है कि देश को ऐतिहासिक और वैश्विक स्तर पर किसी नजर से देखा जाता है.



















