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दुनिया में हर चीज की कोई ना कोई उम्र होती है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर पृथ्वी की उम्र कितनी है? दरअसल, इस सवाल का जवाब वैज्ञानिक पहले ही चुके हैं. वैज्ञानिकों के हवाले से सामने आया यह जवाब सिर्फ अंदाजा नहीं है. यह रिसर्च और सबूत का इस्तेमाल करके की गई वेरिफिकेशन का नतीजा है. आइए जानते हैं कि हमारी पृथ्वी की उम्र कितनी है.
कितनी है पृथ्वी की उम्र?

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वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी की उम्र लगभग 4.54 अरब साल है. पृथ्वी की उम्र तय करने वाली और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली और भरोसेमंद विधि है रेडियोमेट्रिक डेटिंग. इस तकनीक से यह पता चलता है कि यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी तत्व समय के साथ धीरे-धीरे सीसा जैसे दूसरे तत्वों में कैसे बदलते हैं. क्योंकि यह बदलाव एक निश्चित और अनुमानित दर पर होता है इस वजह से वैज्ञानिक किसी चट्टान के अंदर इन तत्वों के अनुपात को एनालाइज करके उसकी उम्र का पता लगा सकते हैं.
पृथ्वी पर पाई जाने वाली सबसे पुरानी चट्टानों की स्टडी

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मिली जानकारी के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर पाई जाने वाली सबसे पुरानी चट्टानों को स्टडी करके शुरुआत की है. ये चट्टान प्राकृतिक टाइम कैप्सूल की तरह काम करती हैं. इन नमूनों पर रेडियोमेट्रिक डेटिंग लागू करके रिसर्चर्स ने यह अनुमान लगाया कि ये चट्टान और इस तरह पृथ्वी भी कब बनी थी.
बदलती रहती है पृथ्वी की सतह

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क्योंकि पृथ्वी की सतह ज्वालामुखी गतिविधि, कटाव और प्लेट टेक्टोनिक्स की वजह से लगातार बदलती रहती हैं, इस वजह से इसकी कई सबसे पुरानी चट्टानें नष्ट हो चुकी हैं. इस समस्या को हल करने के लिए वैज्ञानिकों के उल्कापिंडों का सहारा लिया. ये अंतरिक्ष चट्टानें सौरमंडल के बनने के लगभग उसी समय बनी थीं और काफी हद तक वैसे ही बनी रही.
चंद्रमा पृथ्वी के बनने के कुछ समय बाद बना?

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वहीं ये भी माना जाता है कि चंद्रमा पृथ्वी के बनने के कुछ ही समय बाद बना था. इस वजह से चांद की चट्टानों को स्टडी करके वैज्ञानिकों को अपनी गणनाओं की क्रॉस चेकिंग करने और हमारे ग्रह की अनुमानित उम्र को और सटीक बनाने में मदद मिली.
पृथ्वी का 4.54 अरब साल का इतिहास

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बिल्कुल सटीक गणना के बाद भी गलती की एक छोटी सी गुंजाइश शामिल रहती है. ऐसा मापों में होने वाले प्राकृतिक बदलाव और उपलब्ध नमूनों की सीमा के कारण भी होता है. पृथ्वी का 4.54 अरब साल का इतिहास महासागर और महाद्वीप के बनने से लेकर जीवन के विकास तक हर चीज को अपने में समेटे हुए है.