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सांप रेंगने वाला जीव है, लेकिन वैज्ञानिक कहते हैं कि सांपों के कभी पैर हुआ करते थे। जी हां, धरती पर खोज के दौरान वैज्ञानिकों को एक जीवाश्म मिला, जो 10 करोड़ साल पुराने सांप का है। इस सांप के पैर थे। कनाडा की अल्बर्टा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने जीवाश्म पर रिसर्च की, जिसमें खुलासा हुआ कि 10 करोड़ साल पहले सांपों के 4 पैर होते थे।
छिपकियों की तरह थे सांपों के चार पैर

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अर्जेंटीना और अल्बर्टा यूनिवर्सिटी के जीवाश्म वैज्ञानिकों (प्लेनटॉलोजिस्ट) को अर्जेंटीना में जो जीवाश्म मिला, उसने सांपों के विकास की कहानी डिटेल में बयां कर दी। रिसर्च के अनुसार, सांपों के पैर होते थे, जिनसे वे शिकार करते हैं। तब सांप उसी तरह रेंगते या चलते थे, जैसे छिपकलियां पैरा की मदद से चलती और रेंगती हैं। इस खुलासे ने डार्विन के 'इवोल्यूशन' सिद्धांत को नया मोड़ दिया है।
किसका है 10 करोड़ साल पुराना जीवाश्म?

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साइंस डेली की रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों की रिसर्च में खुलासा हुआ कि 10 करोड़ साल पुराना जीवाश्म नाजेश नामक सांप का है, जो धरती पर मौजूद था। इसके पीछे की ओर छोटे-छोटे पैर थे। वह आज के सांपों से बिल्कुल अलग और लंबा था। हालांकि पैरों से वह पूरी तरह नहीं चल पता था, लेकिन सांपों के पैर होते थे, यह साबित हो गया। उस सांप के सिर की बनावट भी आज के सांपों से अलग थी। क्योंकि उसमें एक हड्डी थी, जो आज के सांपों में नहीं मिलती।
सांपों के पैर होते थे वे कैसे गायब हो गए?

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वैज्ञानिकों की रिसर्च कहती हैं कि सांप 10 करोड़ साल पहले छिपकली जैसे दिखते थे, लेकिन समय के साथ-साथ उनके पैर खत्म होते चले गए। वहीं सांपों के पैर खत्म होने की प्रक्रिया कुछ साल नहीं, बल्कि लाखों साल तक चली। तब सांप खुले में रहते थे, लेकिन समय के साथ सांप छोटे और जमीन के अंदर रहने वाले जीव बन गए। उस समय के सांप बड़े और ताकतवर शिकारी होते थे, लेकिन आज के सांप छोटे-छोटे होते हैं, जिनकी मौजूदगी डसने पर ही पता चलती।
सांपों पर वैज्ञानिकों की रिसर्च खास क्यों?

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10 करोड़ साल पुराने सांप का जीवाश्म वैज्ञानिकों और रिसर्च की दुनिया के लिए सबसे खास है। क्योंकि यह सांपों के जीवन और उनके विकास की कहानी उजागर करता है। रिसर्च प्रकृति में आए बदलावों के बारे में भी बताती है। कैसे जीव अपने शरीर को प्रकृति के अनुसार बदल लेते हैं, इसका खुलासा होता है। सांपों ने अपने पैर खोने के बाद नई पहचान बनाई और आज वे धरती पर सबसे डरावने और खतरनाक जीव के रूप में इंसानों का काल बनकर मंडरा रहे हैं, जो उनकी ताकत है।