100000000 साल पहले ऐसे दिखते थे सांप, रिसर्च में हुए खुलासे देखकर वैज्ञानिकों के भी उड़े होश!

सांप धरती पर पाया जाने वाला सबसे डरावना, सबसे खतरनाक और सबसे जानलेवा जीव है। पलक झपकते ही सांप डसते हैं और समय पर इलाज न मिले तो इंसान तड़प-तड़प कर मर जाएगा। इसी डरावने और खतरनाक जीव को लेकर वैज्ञानिकों की रिसर्च में इतने चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि जानकर वैज्ञानिकों के भी होश उड़ गए।

Snake With Legs
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सांप रेंगने वाला जीव है, लेकिन वैज्ञानिक कहते हैं कि सांपों के कभी पैर हुआ करते थे। जी हां, धरती पर खोज के दौरान वैज्ञानिकों को एक जीवाश्म मिला, जो 10 करोड़ साल पुराने सांप का है। इस सांप के पैर थे। कनाडा की अल्बर्टा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने जीवाश्म पर रिसर्च की, जिसमें खुलासा हुआ कि 10 करोड़ साल पहले सांपों के 4 पैर होते थे।

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छिपकियों की तरह थे सांपों के चार पैर

छिपकियों की तरह थे सांपों के चार पैर2 / 5

अर्जेंटीना और अल्बर्टा यूनिवर्सिटी के जीवाश्म वैज्ञानिकों (प्लेनटॉलोजिस्ट) को अर्जेंटीना में जो जीवाश्म मिला, उसने सांपों के विकास की कहानी डिटेल में बयां कर दी। रिसर्च के अनुसार, सांपों के पैर होते थे, जिनसे वे शिकार करते हैं। तब सांप उसी तरह रेंगते या चलते थे, जैसे छिपकलियां पैरा की मदद से चलती और रेंगती हैं। इस खुलासे ने डार्विन के 'इवोल्यूशन' सिद्धांत को नया मोड़ दिया है।

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किसका है 10 करोड़ साल पुराना जीवाश्म?

किसका है 10 करोड़ साल पुराना जीवाश्म?3 / 5

साइंस डेली की रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों की रिसर्च में खुलासा हुआ कि 10 करोड़ साल पुराना जीवाश्म नाजेश नामक सांप का है, जो धरती पर मौजूद था। इसके पीछे की ओर छोटे-छोटे पैर थे। वह आज के सांपों से बिल्कुल अलग और लंबा था। हालांकि पैरों से वह पूरी तरह नहीं चल पता था, लेकिन सांपों के पैर होते थे, यह साबित हो गया। उस सांप के सिर की बनावट भी आज के सांपों से अलग थी। क्योंकि उसमें एक हड्डी थी, जो आज के सांपों में नहीं मिलती।

सांपों के पैर होते थे वे कैसे गायब हो गए?

सांपों के पैर होते थे वे कैसे गायब हो गए?4 / 5

वैज्ञानिकों की रिसर्च कहती हैं कि सांप 10 करोड़ साल पहले छिपकली जैसे दिखते थे, लेकिन समय के साथ-साथ उनके पैर खत्म होते चले गए। वहीं सांपों के पैर खत्म होने की प्रक्रिया कुछ साल नहीं, बल्कि लाखों साल तक चली। तब सांप खुले में रहते थे, लेकिन समय के साथ सांप छोटे और जमीन के अंदर रहने वाले जीव बन गए। उस समय के सांप बड़े और ताकतवर शिकारी होते थे, लेकिन आज के सांप छोटे-छोटे होते हैं, जिनकी मौजूदगी डसने पर ही पता चलती।

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सांपों पर वैज्ञानिकों की रिसर्च खास क्यों?

सांपों पर वैज्ञानिकों की रिसर्च खास क्यों?5 / 5

10 करोड़ साल पुराने सांप का जीवाश्म वैज्ञानिकों और रिसर्च की दुनिया के लिए सबसे खास है। क्योंकि यह सांपों के जीवन और उनके विकास की कहानी उजागर करता है। रिसर्च प्रकृति में आए बदलावों के बारे में भी बताती है। कैसे जीव अपने शरीर को प्रकृति के अनुसार बदल लेते हैं, इसका खुलासा होता है। सांपों ने अपने पैर खोने के बाद नई पहचान बनाई और आज वे धरती पर सबसे डरावने और खतरनाक जीव के रूप में इंसानों का काल बनकर मंडरा रहे हैं, जो उनकी ताकत है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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