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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से हासिल की थी जिसे आज एनआईटी पटना कहा जाता है. उन्होंने साल 1972 में अपनी पढ़ाई पूरी की थी और राजनीति में आने से पहले वे एक पढ़े-लिखे प्रोफेशनल के तौर पर पहचाने जाते थे.
कौन सी थी ब्रांच?

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नीतीश कुमार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग यानी विद्युत अभियांत्रिकी विषय की गहराई से पढ़ाई की थी और इसमें महारत हासिल की थी. यही वजह है कि उनकी राजनीतिक चालों और सटीक रणनीति को अक्सर लोग 'सोशल इंजीनियरिंग' का नाम देते हैं क्योंकि वे बारीकियों को बखूबी समझते हैं.
क्या नौकरी भी की?

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पूरी तरह राजनीति के मैदान में उतरने से पहले नीतीश कुमार ने बिहार राज्य बिजली बोर्ड में अपनी सेवाएं दी थीं और सरकारी नौकरी का अनुभव लिया था. इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि ने उन्हें समस्याओं का तकनीकी समाधान ढूंढने और राज्य के विकास के लिए एक विजन तैयार करने में बहुत मदद की है.
क्या है आज का स्कोप?

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इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आज के दौर में भी करियर के लिए सबसे बेहतरीन और सदाबहार ब्रांच मानी जाती है जिसमें नौकरियों की कभी कमी नहीं होती. बिजली उत्पादन से लेकर कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमोबाइल सेक्टर तक में इस फील्ड के इंजीनियरों की भारी डिमांड रहती है और अच्छा पैकेज मिलता है.
क्यों है यह डिमांड में?

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आने वाला समय इलेक्ट्रिक गाड़ियों और रिन्यूएबल एनर्जी का है इसलिए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों के लिए भविष्य में और भी शानदार मौके खुलने वाले हैं. प्राइवेट कंपनियों के साथ-साथ रेलवे और पावर ग्रिड जैसे सरकारी विभागों में भी इस कोर्स को करने वाले युवाओं के लिए बेहतरीन करियर विकल्प मौजूद हैं.
कैसे बनाएं इसमें करियर?

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अगर आप भी नीतीश कुमार की तरह इस फील्ड में जाना चाहते हैं तो आपको गणित और विज्ञान पर अच्छी पकड़ बनानी होगी और अच्छे कॉलेज से डिग्री लेनी होगी. सही स्किल और प्रैक्टिकल जानकारी के साथ आप इस क्षेत्र में न केवल अच्छी सैलरी पा सकते हैं बल्कि समाज में एक प्रतिष्ठित पहचान भी बना सकते हैं.