
1 / 5
Most River In India: भारत को नदियों का देश कहा जाता है. गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और नर्मदा जैसी विशाल नदियों के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे देश में एक ऐसा जिला भी है जहां छोटी-बड़ी मिलाकर कुल 97 नदियां बहती हैं? अगर आप खुद को जनरल नॉलेज (GK) का एक्सपर्ट मानते हैं, तो शायद ही आपने इस दिलचस्प तथ्य पर ध्यान दिया होगा.
कच्छ: नदियों का गढ़

2 / 5
हम बात कर रहे हैं गुजरात के कच्छ जिले की. हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे गुजरात राज्य में लगभग 185 नदियां बहती हैं, जिनमें से अकेले कच्छ जिले में ही 97 नदियां मौजूद हैं. यही कारण है कि इसे भारत में सबसे अधिक नदियों वाला जिला माना जाता है.
कौन सी हैं ये प्रमुख नदियां?

3 / 5
कच्छ की इन 97 नदियों में रुक्मावती, सुवी, मलन, सरन, साकर, मीठी, घुरुद, वेखड़ी, चांग, खारी, नारा, पंजोरा, खरोद, कोटरी, काली, कनकावती और रूद्रमाता जैसी नदियां शामिल हैं. हालांकि, इनमें से अधिकांश नदियां मौसमी हैं, यानी ये केवल मानसून या भारी बारिश के समय ही उफान पर रहती हैं.
अरब सागर और रण में समा जाती हैं धाराएं

4 / 5
इन नदियों की एक खासियत यह है कि इनमें से ज्यादातर नदियां या तो सीधे अरब सागर में जाकर गिरती हैं या फिर कच्छ के विशाल रेगिस्तान (रण) में जाकर विलुप्त हो जाती हैं. बनास, सरस्वती, रूपेन, लूनी और माच्छू जैसी करीब 13 नदियां रण के इलाके में ही समाप्त हो जाती हैं.
पानी का स्वाद है खारा

5 / 5
कच्छ की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां की कई नदियों का पानी खारा होता है. इस वजह से इनका उपयोग खेती या पीने के लिए बहुत सीमित हो पाता है. छोटी-छोटी धाराओं के रूप में बहने वाली ये नदियां कच्छ की प्राकृतिक बनावट का एक अहम हिस्सा हैं. भले ही इस इलाके में पानी की किल्लत रहती हो, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में जल धाराओं का होना कुदरत का एक अनोखा करिश्मा ही है.