भारत की LPG सप्लाई पर दिखा जंग का असर, आम लोगों ने कैसे भुगता खामियाजा?

LPG Gas Consumption: मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच ईरान-इजरायल में हुई जंग के कारण भारत की LPG सप्लाई पर साफ असर देखने को मिला. मार्च में गैस की खपत में 13% की भारी गिरावट ने सरकार और आम आदमी दोनों की चिंता बढ़ा दी है. जानिए आखिर कैसे सीमा पार की जंग आपकी रसोई का बजट बिगाड़ रही है.

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जंग और सप्लाई का संकट

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भारत के लिए मिडिल ईस्ट एलपीजी और कच्चे तेल का सबसे बड़ा स्रोत है. इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है. माल ढुलाई के खर्च में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने घरेलू स्तर पर गैस की उपलब्धता और उसकी कीमतों को प्रभावित किया है.

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आम लोगों पर कैसे पड़ा असर?

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सप्लाई चेन में दिक्कत आने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना, जिससे लोगों ने एलपीजी का उपयोग सीमित कर दिया. ग्रामीण इलाकों और कम आय वाले परिवारों में लोग फिर से पारंपरिक ईंधन की ओर रुख करने को मजबूर हुए हैं.

बजट घटाने पर मजबूर हुआ मध्यम वर्ग

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युद्ध के कारण भविष्य में महंगाई बढ़ने की आशंका ने मध्यम वर्ग को अपना बजट घटाने पर मजबूर कर दिया है. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दाम चढ़ते हैं तो इसका सीधा दबाव भारतीय सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ता है.

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अर्थव्यवस्था के लिए संकेत

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एलपीजी खपत में 13% की यह गिरावट न केवल ऊर्जा क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह आर्थिक सुस्ती के शुरुआती संकेतों को भी दर्शाती है. यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं होता, तो आने वाले महीनों में एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आम जनता की परेशानी बढ़ा सकती हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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