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भारत के हैदराबाद में एशिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल झील मौजूद है, जो अपने बीचोंबीच मौजूद विशाल बुद्ध प्रतिमा के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. आइए जानते हैं कि ये झील कौन सी है और इसके पीछे की दिलचस्प कहानी क्या है?
क्या है हुसैन सागर झील?

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हुसैन सागर झील भारत के हैदराबाद शहर में मौजूद एक बड़ी आर्टिफिशियल झील है. इसे एशिया की सबसे बड़ी मैन मेड झीलों में गिना जाता है. ये झील हैदराबाद और सिकंदराबाद को जोड़ती है और शहर के बीचों-बीच एक प्रमुख आकर्षण है.
कब और किसने बनवाई?

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इस झील का निर्माण 1562 ईस्वी में कुतुब शाही शासक इब्राहिम कुतुब शाह के शासनकाल में किया गया था. इसे हुसैन शाह वली के नाम पर बनाया गया था, जो इसके निर्माण के प्रमुख वास्तुकार थे.
क्यों बनाई गई थी झील?

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हुसैन सागर झील का निर्माण खासतौर से शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करने और सिंचाई के लिए किया गया था. कई सालों तक ये झील हैदराबाद के लोगों के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत भी रही.
झील की खास बनावट

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ये झील दिल (Heart) के आकार की है, जिसकी वजह से इसे 'Heart of the World' भी कहा जाता है. इसकी अनोखी बनावट इसे दुनिया की खास झीलों में शामिल करती है.
बुद्ध प्रतिमा का आकर्षण

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इस झील के बीच में एक विशाल ग्रेनाइट पत्थर से बनी भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित है. ये प्रतिमा करीब 450 टन वजनी है और 1992 में स्थापित की गई थी, जो पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है.
पर्यटन के साथ बढ़ता प्रदूषण

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ये झील आज एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां लोग बोटिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और घूमने का आनंद लेते हैं. इसके आसपास लुंबिनी पार्क और नेकलेस रोड जैसे आकर्षण भी मौजूद हैं. समय के साथ इस झील को प्रदूषण और अतिक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. झील में सीवेज और कचरा आने से इसकी हालत पर बुरा असर पड़ा है, जिस पर सरकार काम कर रही है.
(All Photos Credit: Social Media)