इस साल में भारत समेत दुनियाभर में सूखे की आशंका है. भारतीय मौसम विभाग के बाद विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने मंगलवार देर रात वैश्विक जलवायु को लेकर चेतावनी जारी की है.
अल नीनो की स्थिति हो रही विकसित

2 / 8
डब्ल्यूएमओ ने आधिकारिक पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थितियां तेजी से विकसित हो रही हैं. आने वाले महीनों में यह मौसमी बदलाव वैश्विक तापमान और बारिश के पैटर्न को पूरी तरह से बदलने के लिए तैयार है.
वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान मॉडल बताते हैं कि साल 2026 में आने वाला यह अल-नीनो सामान्य नहीं होगा, बल्कि इसके 'मध्यम से बहुत मजबूत' होने की पूरी संभावना है.
UN के महासचिव ने दी चेतावनी

3 / 8
भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के पानी का असामान्य रूप से गर्म होना इस संकट को और बढ़ा रहा है. संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक वीडियो बयान जारी कर चेतावनी दी है कि अल-नीनो पहले से ही गर्म हो रही दुनिया की आग में घी डालने का काम करेगा. इसके प्रभाव बेहद गंभीर होंगे, जो बहुत तेजी से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर वैश्विक अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और कृषि व्यवस्था को तहस-नहस कर सकते हैं.
प्रशांत महासागर में तेजी से गर्म हो रहा समुद्री जल

4 / 8
संयुक्त राष्ट्र (UN) की इस मौसम एजेंसी के मुताबिक, प्रशांत महासागर में तेजी से गर्म हो रहे समुद्री जल के कारण जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की आशंका 80% है. नवंबर तक इसके 90% या उससे ज्यादा बने रहने की आशंका है.
भारत में 2 एक्टिव सिस्टम से बच सकता है मानसून

5 / 8
इन सबके बावजूद भारत में 2 एक्टिव सिस्टम यानी इंडियन ओशन डायपोल (IOD) और मैडेन-जूलियन ऑस्सिलेशन (MJO) से मानसून बच सकता है. ये बादलों और हवाओं का एक ऐसा वैश्विक सिस्टम है जो भूमध्य रेखा पर घूमता रहता है. जब यह भारत के ऊपर से गुजरता है, तो कमजोर मानसून में भी भारी बारिश के स्पेल (दौर) लेकर आता है.
देश में कम बारिश होने की संभावना

6 / 8
मौसम विभाग के मुताबिक देश में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी लेट है. इसके 4 जून को केरलम पहुंच सकता है. आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरलम पहुंचता है.
क्या है अल नीनो?

7 / 8
प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में जब समुद्री हवाएं कमजोर पड़ती हैं तो दक्षिण अमेरिकी तट का पानी असामान्य रूप से गर्म होने लगता है. समुद्र के पानी के गर्म होने को अल नीनो कहते हैं. यह वैश्विक हवाओं और बादलों के पैटर्न को बदलकर दुनियाभर के मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है.
कृषि मंत्रालय ने राज्यों को दिए तैयारी के निर्देश

8 / 8
WMO के अनुसार, अल नीनो आगे चलकर और मजबूत हो सकता है. इससे भारत सहित दुनियाभर में सूखा, बाढ़, समुद्री-स्थलीय हीटवेव और मौसम के खतरनाक रूप देखने को मिल सकते हैं.
इस बीच कृषि मंत्रालय ने राज्यों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सामान्य से कम मानसून और अल नीनो की आशंका को देखते हुए जिलास्तर पर प्लान लागू करें. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साथ ही किसानों तक जल्दी जानकारी पहुंचाने के लिए डिजिटल और कॉल सेंटर सेवाओं को मजबूत करें.