पिता की संपत्ति पर नहीं होगा बेटियों का अधिकार, इन परिस्थितियों में रहेंगी वंचित

भारत में सबसे बड़ा विवाद संपत्ति का ही होता है। अक्सर बेटे और बेटी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद देखने को मिलता है। नए कानून के तहत दोनों का पिता की संपत्ति पर बराबर का अधिकार होता है लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियां जहां बेटियों को पिता की संपत्ति से दूर रखा जा सकता है। विस्तार से पढ़िए...

Daughters not have rights on their father property
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स्व-अर्जित संपत्ति के लिए

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पिता की मर्जी: जो खुद कमाकर बनाई है, उसे पिता वसीयत से किसी को भी दे सकता है — सिर्फ बेटे को, सिर्फ बेटी को, या किसी बाहर वाले को भी। वसीयत न हो: पिता वसीयत बिना मर जाए तो 'Class-I heir' के तौर पर पत्नी, बेटा, बेटी और मां में बराबर बंटेगी। सबको एक जितना हिस्सा।

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दूसरे धर्मों में

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मुस्लिम: शरिया के हिसाब से बेटे को बेटी से दोगुना मिलता है। वसीयत कुल संपत्ति की 1/3 तक ही कर सकते हैं। ईसाई/पारसी: Indian Succession Act 1925 — वसीयत न हो तो बेटा-बेटी में बराबर बंटवारा।

जरूरी बातें

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कृषि भूमि: कुछ राज्यों में बेटी का हक अलग हो सकता है, राज्य का कानून देखें। गिफ्ट/वसीयत: पिता जीते जी गिफ्ट डीड से बेटे या बेटी को सब दे सकता है। उस पर कोई चैलेंज नहीं। 2005 का संशोधन: सबसे बड़ा बदलाव यही था। अब बेटी भी पैतृक संपत्ति की मालिक है, सिर्फ हकदार नहीं।

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पैतृक संपत्ति के लिए  Hindu Succession Act 2005

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पैतृक संपत्ति के लिए  Hindu Succession Act 2005 बराबर का हक: बेटी को भी बेटे जितना हिस्सा जन्म से मिलता है। इसे 'coparcener' कहते हैं। शादी से फर्क नहीं: बेटी शादीशुदा हो या नहीं, हक खत्म नहीं होता। 2005 से पहले पिता की मृत्यु: अगर पिता की मृत्यु 9 सितंबर 2005 से पहले हुई और बंटवारा हो चुका, तो बेटी दावा नहीं कर सकती। वरना हक मिलेगा।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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