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बैंक में नकद जमा करने वालों के लिए सामने आए ITAT के एक फैसले ने उन लोगों के लिए रास्ता साफ कर दिया है जो अपनी ही बचत को घर में रखने के बाद बैंक में जमा करते हैं. मान लीजिए कि आपने किसी काम के लिए अपने बैंक अकाउंट से बड़ी रकम निकाली. कई दिनों या हफ्तों या महीनों बाद भी वह काम नहीं हुआ. बैंक से निकाला वह कैश अभी भी आपके घर में ही रखा था. बाद में आप उस कैश को वापस अपने बैंक अकाउंट में जमा करा आते हैं. सोचिए, कुछ समय बाद उस रकम को लेकर इनकम टैक्स विभाग की ओर से आपको नोटिस आए तो आप पर क्या गुजरेगी.
क्या है पूर्णिमा दास का पूरा मामला?

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फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक करदाता महिला पूर्णिमा दास ने साल 2016 से काफी पहले अपने बैंक खाते से समय-समय पर कुल 15 लाख रुपये नकद निकाले थे. जब साल 2016 में नोटबंदी हुई तो महिला ने वही पुराना कैश वापस बैंक खाते में जमा कर दिया. टैक्स विभाग ने इस कैश पर आपत्ति जताई और असेसिंग ऑफिसर (AO) ने इस जमा राशि को अघोषित आय करार दे दिया. न्याय का सिद्धांत कहता है कि संदेह, चाहे कितना भी गहरा हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता.
तर्क बनाम सबूत

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करदाता यानी पूर्णिमा दास ने कहा कि यह कोई नई कमाई नहीं थी, बल्कि पहले बैंक से निकाली गई उनकी अपनी रकम थी, जिसे घर में रखा गया था. बैंक रिकॉर्ड में नकद निकासी का पूरा विवरण मौजूद था. टैक्स अधिकारी (AO) ने कहा कि कोई समझदार व्यक्ति इतनी बड़ी रकम लंबे समय तक घर में बेकार नहीं रखेगा. वह या तो उसे निवेश करेगा, खर्च करेगा या ब्याज कमाएगा, इसलिए यह कहानी विश्वसनीय नहीं लगती. इसी तर्क पर अधिकारी ने जमा रकम को अघोषित आय मान लिया.
ITAT का फैसला करदाता के हक में

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ट्रिब्यूनल ने टैक्स अधिकारी के इस तर्क को पूरी तरह गलत माना और करदाता के हक में फैसला दिया. बैंक स्टेटमेंट से साफ था कि पैसा पहले निकाला गया था. विभाग के पास यह साबित करने का कोई सबूत नहीं था कि वह पैसा कहीं और खर्च हो गया है. कोर्ट ने कहा कि कोई बात असंभव या अजीब लग सकती है, लेकिन जब तक उसे गलत साबित करने के लिए ठोस सबूत न हों, तब तक उसे टैक्स के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता.
टैक्सपेयर्स के लिए तीन बड़े सबक

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1. बैंक से पैसे निकालने की रसीदें और स्टेटमेंट हमेशा संभाल कर रखें.
2. अपनी आय और खर्च का एक बुनियादी हिसाब रखें ताकि पैसों का सोर्स बताया जा सके.
3. अगर आपके पास इनकम का वैध सोर्स है, तो केवल विभाग की धारणा के आधार पर आप पर जुर्माना नहीं लग सकता.