RRB Recruitment Exams : नई दिल्ली में शुक्रवार को इंडियन रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की भर्ती प्रक्रिया को लेकर उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की. रेल मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक बनाने और तकनीक आधारित प्रणाली लागू करने पर बल दिया है. इस दौरान उन्होंने सभी विभागीय परीक्षाओं को सीबीटी यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा के जरिए कराने तथा टैबलेट आधारित टेस्टिंग (टीबीटी) का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया. रेलवे की सभी विभागीय भर्ती परीक्षाएं अब सीबीटी यानी कंप्यूटर बेस्ड मोड से होंगी. साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अब टैबलेट आधारित टेस्टिंग (टीबीटी) का दायरा बढ़ाया जाएगा.
क्या है टीबीटी बेस्ट एग्जाम

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TBT मोड एग्जाम यानी टैबलेट बेस्ड टेस्ट. यह परीक्षा का एक ऐसा तरीका है जिसमें उम्मीदवार पारंपरिक पेन और पेपर या डेस्कटॉप कंप्यूटर के बजाय हाथ में पकड़े जाने वाले टैबलेट पर डिजिटल रूप से परीक्षा देते हैं. टीबीटी एग्जाम में उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर दिए गए सुरक्षित टचस्क्रीन टैबलेट पर सवाल पढ़ते हैं. उम्मीदवार या तो सीधे टैबलेट स्क्रीन पर जवाब चुन सकते हैं. इसकी सुरक्षा और पारदर्शिता मजबूत है. सवाल एन्क्रिप्टेड होते हैं और परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही टैबलेट पर लोड किए जाते हैं, जिससे पेपर लीक होने और नकल करने का जोखिम बहुत कम हो जाता है.
43781 उम्मीदवारों का चयन

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भारतीय रेलवे लगातार और समय पर भर्ती की पहल के ज़रिए अपने श्रम बल को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में छह श्रेणियों में 47,084 रिक्तियों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी करते हुए 43,781 उम्मीदवारों का चयन किया. इनमें सहायक लोको पायलट (RRB ALP) के लिए 18,799, टेक्नीशियन के लिए 14,298, उप-निरीक्षक के लिए 452, कॉन्स्टेबल के लिए 4,208, कनिष्ठ अभियंता के लिए 7,951 और अर्ध चिकित्सकीय श्रेणी के लिए 1,376 रिक्तियां शामिल हैं. उन्होंने विभागीय परीक्षाओं को सीबीटी मोड में बदलने की प्रगति की भी समीक्षा की.
बड़े लेवल पर RRB परीक्षा

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रेलवे के अनुसार रेलवे भर्ती बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया काफी जटिल और बड़े पैमाने पर होती है, जिसमें देश भर के कई शहरों और केंद्रों में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. ये कंप्यूटर-आधारित परीक्षाएं कई शिफ्ट में अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं. इस मल्टी-सिटी, मल्टी-शिफ्ट और मल्टी-लिंगुअल सिस्टम में पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता, मानकीकरण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर तालमेल और मज़बूत टेक्नोलॉजी सिस्टम की ज़रूरत है.
भर्ती कैलेंडर से फायदा हुआ

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भर्ती बोर्ड और विभिन्न संगठन स्टैंडर्ड परीक्षाओं के सुरक्षित और आधुनिक विकल्प के तौर पर टीबीटी को तेजी से अपना रहे हैं. वैष्णव ने कहा कि सालाना भर्ती कैलेंडर और रिक्तियों की तिमाही सूचनाओं को उम्मीदवारों ने काफी पसंद किया है. उन्होंने कहा कि कैलेंडर-आधारित भर्ती प्रक्रिया से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिली है. इससे भर्ती प्रक्रिया में ज़्यादा निश्चितता आती है. लगातार सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए, रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे भर्ती प्रणाली को टेक्नोलॉजी, तेज प्रक्रियाओं और ज़्यादा जवाबदेही के इस्तेमाल से लगातार बेहतर होते रहना चाहिए.
उम्मीदवारों से बातचीत करें

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भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और उन्नत तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ संगठन का लक्ष्य अलग-अलग श्रेणी में प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना और उन्हें शामिल करना है. रेल मंत्री वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्डों को उम्मीदवारों और हितधारकों के साथ बातचीत मजबूत करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गलत जानकारी का तुरंत सही जानकारी से जवाब दिया जाना चाहिए, ताकि उम्मीदवारों को सही अपडेट मिलें और भर्ती प्रक्रिया में उनका भरोसा बना रहे.