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अक्सर देखा गया है कि कुछ बच्चों को अंगूठा चूसने की आदत होती है. तमाम कोशिशों के बाद भी माताएं अपने बच्चे की ये आदत नहीं छुड़ा पाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी इसके शुभ-अशुभ पहलू के बारे में जानने का प्रयास किया है. दरअसल, शकुन शास्त्र में बच्चों के अंगूठा चूसने का खास महत्व है, जिससे उनके बारे में बहुत कुछ पता चल सकता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
अंगूठा चूसना शुभ है या अशुभ?

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शकुन शस्त्र के अनुसार, जो बच्चे बचपन में अंगूठा चूसते हैं, वो काफी भाग्यशाली होते हैं. ऐसे बच्चों पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा रहती है. इसके अलावा इनका बचपन से ही धर्म की तरफ झुकाव अधिक होता है.
अंगूठा चूसने वाले बच्चे कैसे होते हैं?

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जो बच्चे अपने हाथ का अंगूठा हर समय चूसते हैं, वो तेज दिमाग और तेजस्वी होते हैं. ऐसे बच्चों को हरा पाना बहुत मुश्किल होता है. ये जो भी काम करते हैं, उसे पूरा करने की पूरी कोशिश करते हैं.
पैर का अंगूठा चूसना शुभ या अशुभ?

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कुछ बच्चे हाथ के अलावा पैर का अंगूठा भी चूसते हैं, जो शकुन शास्त्र के नजरिए से काफी शुभ है. ऐसे बच्चों ने पूर्व के जन्म में कुछ अच्छे कर्म किए होते हैं, जिनका फल उन्हें वर्तमान में भी मिलता है.
पैर का अंगूठा चूसने वाले बच्चे कैसे होते हैं?

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जो बच्चे अपने पैर का अंगूठा चूसते हैं, उनका स्वभाव चंचल होता है. ऐसे बच्चे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं. इसके अलावा इनके अंदर कम समय में कुछ बड़ा करने की क्षमता होती है.
डॉक्टर की राय

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डॉक्टर बताते हैं कि अंगूठा चूसना एक सामान्य आदत है, जो बच्चों को थकान, भूख लगने और तनाव होने पर लगती है. 4 साल तक इस आदत से बच्चों को कोई शारीरिक नुकसान नहीं होता है, लेकिन इसके बाद संक्रमण और दांतों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. (All Image Credit- Social Media & Freepik) (डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी शकुन शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)