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PCOS and Astrology: ज्योतिष के अनुसार, कर्क और तुला राशि की महिलाओं में PCOS यानी हार्मोनल असंतुलन अधिक होता है। आइए जानते हैं, PCOS का ज्योतिषीय कारण क्या है?
महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन

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PCOS and Astrology: महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन को PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम कहते हैं, जो एक गंभीर समस्या है। आमतौर पर PCOS को सिर्फ लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे ज्योतिषीय कारण भी होते हैं? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ राशियों की महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की संभावना बहुत अधिक होती है। खासतौर पर कर्क और तुला राशि वाली महिलाओं को इस समस्या का सामना ज्यादा करना पड़ता है। आइए जानते हैं, ऐसा होने का ज्योतिषीय कारण क्या है?
चंद्रमा का खेल, भावनाओं का तूफान

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कर्क राशि की स्वामी चंद्रमा है, जो शरीर के सभी तरल पदार्थों और हार्मोन को नियंत्रित करता है। कर्क एक जल तत्व की राशि है। जब चंद्रमा शनि, राहु या मंगल जैसे अशुभ ग्रहों के प्रभाव में आता है, तो शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ने लगता है। इसी से सिस्ट और पीसीओएस बनने लगता है। कर्क राशि की महिलाएं स्वभाव से बहुत भावुक होती हैं। उनका मानसिक तनाव सीधे उनके पिट्यूटरी ग्रंथि पर चोट करता है। नतीजा? पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और हार्मोन उछल-कूद मचाने लगते हैं।
जब तराजू खुद ही टेढ़ा हो जाए

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तुला राशि का स्वामी शुक्र है, जो महिलाओं के अंडाशय, गर्भाशय और त्वचा का कारक माना जाता है। तुला राशि बैलेंस का प्रतीक है, लेकिन जब शुक्र कमजोर होता है, तो यही संतुलन टूट जाता है। इस राशि की महिलाओं को अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस, वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे और बालों का अत्यधिक बढ़ना जैसी परेशानियां होती हैं। ज्योतिष में तुला को सातवां घर माना गया है, जो गर्भाशय को दर्शाता है। यही वजह है कि तुला राशि वाली महिलाओं में पीसीओएस का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
ग्रहों की मार ऐसे बनाती है मुश्किल

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जब कर्क या तुला राशि में राहु या शनि की दृष्टि पड़ती है, तो हार्मोनल गड़बड़ी लगभग तय हो जाती है। खासकर यदि चंद्रमा या शुक्र कमजोर हों और उन पर पाप ग्रहों का असर हतो PCOS जैसी जटिल? समस्या जन्म लेती है। आयुर्वेद के अनुसार, कफ बढ़ाने वाले ग्रह जब चौथे, छठे या आठवें घर में पीड़ित हों, तो यह बीमारी और भी गंभीर रूप ले लेती है।
राशि नहीं, ग्रहों की स्थिति है असली वजह

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यह मत सोचिए कि केवल कर्क या तुला राशि होने से ही पीसीओएस होगा। असली कारण आपकी कुंडली में चंद्रमा और शुक्र की स्थिति है। यदि ये दोनों ग्रह मजबूत हों और अच्छी दृष्टि में हों, तो आप इन राशियों में होने के बावजूद भी बिल्कुल स्वस्थ रह सकती हैं। लेकिन अगर ये ग्रह कमजोर या पीड़ित हैं, तो इन राशियों में तो खतरा और भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि ज्योतिषी पीसीओएस के इलाज के साथ-साथ चंद्रमा और शुक्र को मजबूत करने के उपाय भी सुझाते हैं।