भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. परिवार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए हैं, जबकि ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है. अब सुप्रीम कोर्ट, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CBI जांच के बीच इस केस से जुड़े 7 बड़े सवाल चर्चा में हैं.
सबूतों के साथ क्यों हुई छेड़छाड़?

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ट्विशा के परिवार के शुरुआती सवालों में से एक फांसी में इस्तेमाल किए गए नायलॉन के एक्सरसाइ बेल्ट से जुड़ा था. कई मीडिया रिपोर्टों में अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, ये बेल्ट पहले पोस्टमार्टम के दौरान पेश नहीं की गई और एक दिन बाद ही सामने आई, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के दोबारा पोस्टमार्टम करवाने के आदेश के बाद विवाद और भी बढ़ गया. कोर्ट ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है.
क्या CCTV फुटेज को ठीक से सुरक्षित रखा गया था?

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डिजिटल सबूतों को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि जांचकर्ताओं ने ट्विशा की मौत के दो दिन बाद तक भी उसके ससुराल से सबूत इकट्ठे नहीं किए. उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि अगर पुलिस ने डीवीआर सिस्टम को पहले ही जब्त कर लिया था, तो घर से सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक तौर से कैसे सामने आया. विवाद को और जटिल बनाते हुए, गिरिबाला सिंह ने मजिस्ट्रेट अदालत के सामने दावा किया कि सीसीटीवी में तकनीकी खराबी थी और उसमें गलत टाइमस्टैम्प दिख रहे थे. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पुलिस ने रिकॉर्डिंग तक पहुंचने और उसकी कॉपी बनाने के दौरान जरूरी जब्ती प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.
कई दिनों बाद क्यों दर्ज की गई FIR?

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FIR के समय को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. ट्विशा की मृत्यु 12 मई को हुई थी, लेकिन उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR उनके परिवार के लगाए गए आरोपों के बाद दर्ज की गई. उनके परिवार का आरोप है कि कार्रवाई में देरी के कारण सबूतों से छेड़छाड़ हुई और पावरफुल लोगों ने जांच में हस्तक्षेप किया. हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रक्रिया प्रोटोकॉल के मुताबिक ही पूरी की गई.
अगर ट्विशा के फ्यूचर प्लान थे, तो क्या बदला?

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जांचकर्ता ये भी पता लगा रहे हैं कि ट्विशा की मृत्यु से पहले की गतिविधियां आत्महत्या के सिद्धांत से मेल खाती हैं या नहीं. अधिकारियों ने बताया कि उसने अपनी मृत्यु के कुछ ही दिनों बाद, 15 मई को अजमेर जाकर अपने भाई मेजर हर्षित शर्मा से मिलने का प्लान बनाई थी. उसके परिवार ने बार-बार ये तर्क दिया है कि यात्रा का प्लान, चोट के निशान और उसकी हाल की बातचीत, उसकी मृत्यु की परिस्थितियों पर संदेह पैदा करती है.
घटना के बाद समर्थ क्यों गायब हो गया?

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एक और अनसुलझा मुद्दा ट्विशा की मौत के बाद समर्थ का गायब होना है. पुलिस ने उसकी तलाश के लिए नोटिस जारी किया था और नकद इनाम की घोषणा की थी, जिसके बाद उसने आखिरकार सरेंडर कर दिया. जांचकर्ता अब उससे 12 मई की रात की घटनाओं, उसके कॉल रिकॉर्ड और ट्विशा के परिवार के सवालों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं. समर्थ सिंह अभी भी पुलिस हिरासत में है.
क्या जांच पर असर पड़ा?

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इस मामले में सबसे बड़ा सवाल शायद यही है कि क्या गिरिबाला के रिटायर्ड जिला जज और उपभोक्ता आयोग के वर्तमान अध्यक्ष होने की वजह से जांच पर असर हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने प्रभावशाली व्यक्तियों को किए गए फोन कॉल के आरोपों और राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच के लिए दबाव डालने से ये चिंता और बढ़ गई है कि क्या मूल जांच किसी भी स्तर पर प्रभावित हुई थी.
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