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होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की सप्लाई रुकी तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया। लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों पर कोई असर नहीं पड़ा। बल्कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। जबकि जंग के कारए वैश्विक तेल बाजार लड़खड़ा रहा है। फिर भी भारत-पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के रेटों में काफी अंतर है।
भारत पाकिस्तान में पेट्रोल डीजल का रेट

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बता दें कि पिछले एक महीने में पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के रेट कई बार बढ़े। बीते दिन ही पेटोल का रेट 137 रुपये और डीजल का रेट 184 रुपये बढ़ाया गया। आज पाकिस्तान में पेट्रोल का रेट 458.4 रुपये प्रति लीटर और डीजल का रेट 520.35 रुपये प्रति लीटर है। जबकि भारत में पेट्रोल का रेट 94 से 100 रुपये प्रति लीटर और डीजल का रेट 87 रुपये से 90 रुपये प्रति लीटर है।
भारत ने पेट्रोल डीजल रेट न बढ़ने की वजह

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बता दें कि भारत ने मई 2022 से ही पेट्रोल-डीजल के दामों में स्थिरता बना रखी है। इसकी वजह पेट्रोल-डीजल के रेट को लेकर रणनीति से काम करना है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, जिससे पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स घटकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गया। इससे सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा, लेकिन ईंधन के रेट नहीं बढ़ेंगे।
भारत सरकार ने उठाया राजस्व का नुकसान

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बता दें कि भारत सरकार को पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटने से 1.6 लाख करोड़ रुपये से 1.8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन सरकार ने लोगों को परेशान करने की बजाय नुकसान खुद उठाना बेहतर समझा। इसलिए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय तेल विपणन कंपनियों और सरकार को पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी।
पाकिस्तान को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा

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वहीं पाकिस्तान को ईरान ने कच्चा तेल न देकर झटका दिया है, जबकि पाकिस्तान बड़ी जी-जान लगाकर ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम कराने की कोशिशें कर रहा है, बावजूद इसके ईरान ने राहत नहीं दी। वहीं पाकिस्तान की सरकार को पेट्रोल-डीजल से हुए नुकसान से लोगों को राहत देने के लिए बस और ट्रेनों का सफर फ्री करना पड़ा और कई मामालों में सब्सिडी का ऐलान करना पड़ा।