Petrol Diesel देश के किस राज्य में सस्ता कहां महंगा, दिल्ली किस नंबर पर?

Petrol and diesel prices: मिडिल ईस्ट में जंग की टेंशन के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपए की वृद्धि के बाद भी अलग-अलग शहरों में दोनों ईंधन के दाम अलग-अलग हैं. भाजपा शासित और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों की तुलना करने पर रोचक तस्वीर सामने आती है. देखें, शहरों में रेट?

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Petrol and diesel prices: कुछ भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल देश में सबसे सस्ते हैं, जबकि अन्य राज्यों में सबसे महंगे हैं.  विपक्षी शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दामों का यही हाल है. अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के अलग-अलग दामों के पीछे भी काफी खास वजह है.

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वैट और लोकल टैक्स से तय होते हैं रेट

वैट और लोकल टैक्स से तय होते हैं रेट2 / 6

शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम एक जैसे नहीं होते और न राज्यों में एक जैसे होते हैं. हर राज्य तैयार पेट्रोल डीजल पर राज्य स्तरीय वैट और केंद्र द्वारा निर्धारित उत्पाद शुल्क के अतिरिक्त स्थानीय कर लगाता है, जिसकी वजह से भाजपा शासित राज्यों में भी तेल की कीमतों में काफी अंतर दिखाई देता है.

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कहां-कहां सस्ता है पेट्रोल-डीजल?

कहां-कहां सस्ता है पेट्रोल-डीजल?3 / 6

पेट्रोल-डीजल के दामों में दिल्ली , गोवा और उत्तराखंड देश के सबसे सस्ते बाजारों में शामिल हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से नीचे बनी हुई हैं, जबकि गोवा और उत्तराखंड में भी अन्य कई राज्यों की तुलना में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं. मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 107-110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर हैं. महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी कीमतें अधिक हैं.

भाजपा शासित राज्यों में महंगा है पेट्रोल-डीजल

भाजपा शासित राज्यों में महंगा है पेट्रोल-डीजल4 / 6

भाजपा शासित उत्तरी राज्यों की तुलना में ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कीमतें और भी अधिक हैं. बिहार में भी भाजपा शासित कई राज्यों की तुलना में पेट्रोल की कीमतें अधिक बनी हुई हैं. भाजपा गठबंधन शासित राज्य सबसे महंगे राज्यों में शामिल हैं. टीडीपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन द्वारा शासित आंध्र प्रदेश, पेट्रोल और डीजल दोनों के लिए सबसे महंगे राज्यों में से एक बना हुआ है, जहां राज्य के कुछ हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 111 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई हैं.

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विपक्षी दलों के राज्यों में भी महंगा है तेल

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विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में ईंधन की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. कांग्रेस शासित तेलंगाना और केरल, जहां 2026 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ सत्ता में आए थे, वर्तमान में देश में सबसे अधिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों वाले राज्यों में शामिल हैं. कांग्रेस शासित कर्नाटक और तमिलनाडु में भी ईंधन की कीमतें महंगी बनी हुई हैं, प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक हैं. पंजाब-हिमाचल में दक्षिण की तुलना में पेट्रोल-डीजल सस्ता है.

राज्यों में ईंधन की कीमतों में अंतर क्यों?

राज्यों में ईंधन की कीमतों में अंतर क्यों?6 / 6

केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क में एकसमान संशोधन करती है, फिर भी राज्य पेट्रोल और डीजल पर अपना-अपना वैट लगाते हैं. भारत भर में इन करों में व्यापक भिन्नता पाई जाती है. कुछ राज्य राजस्व बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपकर और अधिभार लगाते हैं. परिवहन लागत, डीलर कमीशन और स्थानीय कर राज्यों के बीच अंतर को और भी बढ़ा देते हैं. यही कारण है कि एक राज्य के वाहन चालकों को दूसरे राज्य के वाहन चालकों की तुलना में प्रति लीटर 10-15 रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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