बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की Z प्लस सिक्योरिटी वापस ले ली है। इसके तहत उनकी सुरक्षा में कई सुरक्षाकर्मी, हाउस गार्ड और एस्कॉर्ट वाहन तैनात होता था, लेकिन क्योंकि अब वे संवैधानिक पद पर नहीं हैं तो उन्हें बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा मिलेगी, जिसमें बीसैप के 2 से 8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 2 बॉडीगार्ड, एचक्यूआरटी से पायलट और बुलेट प्रूफ कार, पटना जिला बल से एस्कॉर्ट एवं पायलट शामिल होगा।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा बरकरार रहेगी

2 / 6
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की Y प्लस सिक्योरिटी जारी रहेगी, क्योंकि सुरक्षा समिति के अनुसार, वे एक संवैधानिक पद पर तैनात हैं। नेता प्रतिपक्ष का पद कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होता है। उनकी राजनीतिक गतिविधियों, जनसभाओं और जिला-शहरों के दौरे को देखते हुए ही सम्राट चौधरी सरकार ने उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है। उनकी सुरक्षा में अब बीसैप के 1 से 4 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 6 बॉडीगार्ड और एस्कॉर्ट शामिल होगी।
राबड़ी देवी की सुरक्षा में भी कटौती

3 / 6
बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की Z प्लस सिक्योरिटी भी वापस ले ली है। इसके तहत उनकी सुरक्षा में भी कई सुरक्षाकर्मी, हाउस गार्ड और एस्कॉर्ट वाहन तैनात होता था, लेकिन क्योंकि अब वे संवैधानिक पद पर नहीं हैं, लेकिन बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं तो उन्हें बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा मिलेगी और लालू यादव से ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। उनकी सुरक्षा में अब बीसैप से 2-8 हाउस गार्ड, 3 महिला बॉडीगार्ड, 3 वर्दीधारी बॉडीगार्ड, HQRT से पायलट, बुलेट प्रूफ कार, पटना जिला बल से एस्कॉर्ट एवं पायलट तैनात हैं।
यह भी पढ़ें: बिहार की पूरी फोर्स भेज दो, बंगला खाली नहीं करूंगी, राबड़ी देवी ने CM सम्राट चौधरी को ऐसे क्यों ललकारा?
तेजप्रताप यादव की सुरक्षा में बदलाव

4 / 6
लालू प्रसाद यादव के बेटे, पूर्व मंत्री, वर्तमान विधायक, जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। पहले उन्हें Y सिक्योरिटी मिलती थी, लेकिन अब उन्हें सिर्फ एक बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया है।
राजश्री यादव की सुरक्षा बरकरार रहेगी

6 / 6
तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री की सुरक्षा में पहले की तरह पटना जिला बल से एक महिला बॉडीगार्ड तैनात रहेंगी। बेशक राजश्री किसी राजनीतिक या संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन लालू परिवार और तेजस्वी यादव की सार्वजनिक गतिविधियों और व्यक्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अंगरक्षक दिया गया है।