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सिपरी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बन गया है. भारत ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए पिछले साल करीब 92.1 अरब डॉलर खर्च किए हैं जो पिछले साल के मुकाबले 8.9 प्रतिशत ज्यादा है.
चीन और पाकिस्तान ने कितनी बढ़ाई ताकत?

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पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना हुआ है जिसने 336 अरब डॉलर खर्च किए हैं. वहीं पाकिस्तान इस लिस्ट में 31वें नंबर पर है जिसका रक्षा बजट 11.9 अरब डॉलर रहा और उसने अपनी सैन्य ताकत में 11 प्रतिशत का इजाफा किया है.
दुनिया भर में रक्षा बजट क्यों बढ़ा?

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साल 2025 में पूरी दुनिया का कुल सैन्य खर्च बढ़कर 2887 अरब डॉलर तक पहुंच गया है जिसमें अमेरिका और रूस का सबसे ज्यादा योगदान रहा है. यूरोप में रूस-यूक्रेन युद्ध और नाटो देशों की बढ़ती तैयारियों की वजह से सैन्य खर्च में पिछले कई दशकों की सबसे बड़ी तेजी देखी गई है.
हथियारों के आयात में क्या आया बदलाव?

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भारत के हथियारों के आयात में पिछले कुछ सालों में करीब 4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है लेकिन देश अब भी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है. भारत की कोशिश अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की है ताकि विदेशी देशों पर निर्भरता को कम किया जा सके और अपनी सुरक्षा पुख्ता की जा सके.
रूस से किन देशों की बढ़ी करीबी?

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भारत अब रूस के बजाय फ्रांस और अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों से हथियार खरीदने पर ज्यादा जोर दे रहा है ताकि अपनी जरूरतों को पूरा कर सके. रिपोर्ट बताती है कि रूस से होने वाले आयात में भारी गिरावट आई है और अब भारत इजराइल जैसे आधुनिक तकनीक वाले देशों से रिश्ते मजबूत कर रहा है.
बजट 2026 में सेना को क्या मिला?

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सरकार ने साल 2026-27 के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का बड़ा फंड जारी किया है ताकि सेना को नए लड़ाकू विमान और मिसाइलें मिल सकें. ऑपरेशन सिंदूर जैसी चुनौतियों को देखते हुए सेना को हर तरह के आधुनिक हथियारों और स्मार्ट सिस्टम से लैस करने की पूरी तैयारी की जा रही है.