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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 210 किलोमीटर लंबा है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर से शुरू होगा। इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब ढाई से 3 घंटे लगेंगे। जबकि पहले 6 से 7 घंटे दिल्ल्ली से देहरादून पहुंचने में लोगों को लगते थे।
फास्टैग एनुअल पास मान्य होगा?

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर फास्टैग एनुअल पास भी लागू होगा। क्योंकि यह एक्सप्रेसवे नेशनल एक्सप्रेसवे है और फास्टैग केंद्र सरकार की योजना है। इसलिए फास्टैग लागू होगा और इसके लिए अब 3000 की बजाय 3075 रुपये लगेंगे। एनुअल पास एक साल तक और पूरे साल में 200 ट्रिप तक के लिए ही वैध रहेगा।
लोकल पास भी मान्य होगा

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को लोकल पास की सर्विस भी मिलेगी, जो करीब 330 रुपये में बनेगा। इससे आस-पास रहने वाले लोग एक्सप्रेसवे पर हर रोज सफर कर सकेंगे। मासिक या वार्षिक पास लेने पर आर्थिक बचत होगी। रोज या हफ्ते में कभी-कभी आने जाने वालों के लिए लोकल पास बेहतर है।
कैसे बनवाएं लोकल पास?

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे या किसी भी नेशनल हाईवे के लिए लोकल टोल पास आपके नजदीकी टोल प्लाजा ऑफिस या हेल्पडेस्क पर बनवा सकते हैं। इसके लिए निवास प्रमाण पत्र और वाहन की RC देनी होगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को पोर्टल पर भी लोकल पास बनवाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
एक्सप्रेसवे पर कितना टोल लगेगा?

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा होगा, लेकिन अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक का रास्ता पूरी तरह टोल फ्री रहेगा। यानी इस हिस्से में सफर करने पर आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा। एक तरफ के सफर के लिए 675 रुपये टोल टैक्स देना होगा। अगर 24 घंटे के अंदर वापस आते हैं तो 1010 रुपये लगेंगे। कार और SUV के लिए एक तरफ का टोल 670 से 675 रुपये के बीच रहेगा। 24 घंटे में वापस आने पर 335 रुपये देने होंगे। मिनी बस या हल्के कमर्शियल वाहनों (LCV) के लिए टोल 1100 रुपये हो सकता है। बड़ी बसों और डबल एक्सल वाले ट्रकों के लिए 2300 रुपये से ज्यादा टोल फीस हो सकती है। हालांकि, एक राहत की बात भी है।