EPFO ने सेंट्रलाइज्ड IT इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्रोजेक्ट लागू कर दिया है, इसके तहत भी खाताधारकों का डेटाबेस सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कर दिया है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने खुद इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी और इसके फायदे भी बताए।
खाताधारकों की सर्विस रिक्वेस्ट का नियम बदला

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नए नियमों के अनुसार, डेटाबेस सेंट्रलाइज्ड होने से EPFO मेंबर्स की सर्विस रिक्वेस्ट का नियम बदल गया है। अब खाताधारकों की सर्विस रिक्वेस्ट को देशभर में किसी भी जगह से प्रोसेस किया जा सकता है। पहले खाताधारकों की डिटेल अलग-अलग सिस्टम पर रिकॉर्ड थी और एक ही पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध नहीं थी, लेकिन अब सेंट्रलाइज्ड सिस्टम होने से सभी सुविधाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी।
खाताधारकों को यूनिफाइड डिजिटल इंटरफेस मिलेगा

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नए नियमों के अनुसार, खाताधारकों को अब EPFO पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद अपनी मेंबरशिप की डिटेल, प्रोविडेंट फंड के बैलेंस, क्लेम के स्टेटस, पेंशन रिकॉर्ड आदि चेक करने के लिए यूनिफाइड डिजिटल इंटरफेस मिलेगा। इससे PF अकाउंट तक पहुंच आसान होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। अकाउंट में किसी भी तरह की कमी या गड़बड़ी पहले ही पहचानकर उसके दूर कर दिया जाएगा।
PF क्लेम रिजेक्ट होने के मामलों में गिरावट आएगी

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नियमों के अनुसार, डेटाबेस सेंट्रलाइज्ड होने से PF क्लेम रिजेक्ट होने के मामलों में गिरावट आएगी। पहली बार में ही क्लेम मंजूर हो सकेंगे और खाताधारकों को यह भी पता चल जाएगा कि वे किस कैटेगरी के तहत कितना फंड निकाल सकते हैं? पुराने सिस्टम में खाताधारकों को पता नहीं चलता था कि वे कितना पैसा निकाल सकते हैं, इस वजह से उनके क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे।
प्रोविडेंट फंड क्लेम के नियम ऐसे बदले गए

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नए नियमों के अनुसार, अब 5 लाख तक का क्लेम ऑटोमैटिक प्रोसेस होगा, जबकि पहले एक लाख तक का क्लेम ऑटो-सेटल होता था। वहीं खाते से पैसे निकालने के प्रोसेस को आसान बनाया गया है। अब 13 नियम नहीं, बल्कि तीन कैटेगरी के तहत खाताधारक कुल PF बैलेंस की 75% रकम निकाल सकेंगे। PF क्लेम सेटलमेंट पर ब्याज अब पेमेंट की मंजूरी मिलने की तारीख तक काउंट किया जाएगा। इससे एक्स्ट्रा ब्याज मिल सकेगा।
PF अकाउंट नौकरी बदलते ही सेल्फ ट्रांसफर हो जाएंगे

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PF क्लेम प्रोसेसिंग के लिए ऑनलाइन क्वेरी सिस्टम शुरू किया गया है। वहीं क्लेम का पेमेंट सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम से होगा और पैसा इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट चैनलों से खातों में भेजा जाएगा। इससे पैसा सुरक्षित रहेगा और समय पर सीधे बैंक खाते में जमा होगा। वहीं आधार कार्ड से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) वाले PF अकाउंट नौकरी बदलते ही सेल्फ ट्रांसफर हो जाएंगे, जिससे ट्रांसफ के लिए अलग से एप्लीकेशन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पेंशन क्लेम के पैसे के नियम बदले

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नए नियमों के अनुसार, पेंशन स्कीम (EPS) के तहत पेंशनभोगियों के लिए नियम बदले गए हैं। अब खाताधारक अपना सर्विस या लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने के लिए EPFO के किसी भी ऑफिस में विजिट कर सकेंगे। देश के किसी भी EPFO रीजनल ऑफिस में प्रोसेस पेंशन क्लेम का पैसा भी देश में कहीं भी किसी भी बैंक अकाउंट में जमा किया जा सकता है। जबकि पहले पेंशन सिर्फ उसी ब्रांच से ली जा सकती थी, जहां पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) होता था।