सीबीएसई 12वीं रिजल्ट को लेकर छात्रों के विरोध के बीच शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्वीकार किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रोसेस के दौरान कुछ त्रुटियां सामने आईं, जिसके बाद लगभग 13 हजार आंसरशीट की मैन्युअल जांच की जाएगी. साथ ही री-चेकिंग और आंसरशीट देखने की फीस भी कम कर दी गई है.
CBSE रिजल्ट पर छात्रों का गुस्सा

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CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें उम्मीद से कम मार्क्स मिले हैं. सोशल मीडिया पर छात्रों ने अपनी मार्कशीट शेयर कर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाए.
शिक्षा सचिव संजय कुमार का बड़ा बयान

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स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इवेल्युशन प्रोसेस के दौरान कुछ त्रुटियां सामने आई थीं, जिनके समाधान के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं.
13 हजार कॉपियों की होगी दोबारा जांच

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शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक करीब 13,000 आंसरशीट में स्कैनिंग के दौरान कुछ गड़बड़ी मिली. हल्की स्याही की वजह से कॉपियां ठीक से पढ़ी नहीं जा सकीं, इसलिए इनकी मैन्युअल जांच कराई जाएगी.
क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?

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CBSE ने इस साल उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया. इसमें कॉपियों को स्कैन कर डिजिटल रूप से जांचा जाता है. मंत्रालय का कहना है कि ये सिस्टम नया नहीं है और पहली बार 2014 में लागू किया गया था.
98 लाख कॉपियों की हुई स्कैनिंग

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CBSE ने इस साल लगभग 98 लाख आंसरशीट्स को स्कैन किया. मंत्रालय का दावा है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से टोटलिंग की गलतियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं. छात्रों को राहत देते हुए बोर्ड ने आंसरशीट देखने की फीस 700 रुपये से घटाकर सिर्फ 100 रुपये कर दी है. वहीं वैरिफिकेशन फीस भी 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी गई है.
एक सवाल की दोबारा जांच सिर्फ 25 रुपये में

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अगर कोई छात्र किसी स्पेशल प्रश्न की री-चेकिंग करवाना चाहता है तो उसे अब केवल 25 रुपये फीस देनी होगी. पहले ये प्रक्रिया काफी महंगी मानी जाती थी. शिक्षा सचिव ने कहा कि अगर revaluation के दौरान किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे ली गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी.
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