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जालंधर के पद्म श्री विजेता पर्यावरणविद और आध्यात्मिक गुरु, बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि बागी गुट ने उन्हें भी चाय का न्योता दिया था। AAP छोड़कर BJP जॉइनक करने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने ऑफर और प्रस्ताव दोनों ठुकरा दिए। सीचेवाल ने पंजाब के मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया।
6 बागी सांसद पंजाब के थे

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बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सदस्यों ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ दी। इनमें से 6 सांसद पंजाब के थे, लेकिनवे नहीं गए। उन्हें सीधे ऑफर भी आया था, लेकिन उन्होंने ऑफर स्वीकार नहीं किया।
विक्रम साहनी ने किया था कॉल

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बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि विक्रम साहनी ने उन्होंने फोन किया था और चाय पर बुलाया था। विक्रम साहनी ने कहा था कि वे एक ग्रुप बना रहे हैं। कई नेताओं ने हमारा साथ देने के लिए प्रस्ताव पर सिग्नेचर किए हैं। आप भी आ जाइए, चाय पीते हैं, कुछ बातें करते हैं, लेकिन मैंने विक्रम का प्रस्ताव ठुकरा दिया। चाय का न्योता स्वीकार ही नहीं किया।
'यूनिवर्सिटी वाले' भी बने बागी

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सीचेवाल ने बताया कि विक्रम साहनी ने फोन पर बातचीत में बताया था कि नए ग्रुप के प्रस्ताव पर जिन लोगों ने साइन किए हैं, उनमें यूनिवर्सिटी वाले भी शामिल हैं, यानी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर अशोक मित्तल भी उनके साथ हैं। जबकि हाल ही में राघव को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाकर अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाया गया था।
राघव चड्ढा ने भी दिया था न्योता

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सीचेवाल ने दावा किया कि राघव चड्ढा ने भी उन्हें चाय पर चर्चा को लिए बुलाया था। 16 से 18 अप्रैल के बीच दिल्ली में संसद का जो विशेष सत्र लगा था, उस दौरान राघव ने बात की थी और पुराने दिनों को याद करते हुए बाबा जी, आइए हमारे साथ भी चाय पी लीजिए लेकिन मैंने कहा आप लोग ही पी लीजिए। पहली बार राघव ने चाय पर बुलाया था।
संदीप पाठक पर सीचेवाल का बयान

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संत सीचेवाल ने राघव चड्ढा और संदीप पाठक के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक और राघव चड्ढा पर पंजाब की पूरी जिम्मेदारी थी। संदीप पार्टी का काम देखते थे। वहीं राघव प्रशासनिक काम देखते थे। संदीप और राघव के इस्तीफे की वजह पूछे जाने पर सीचेवाल ने कहा कि इस्तीफा की वजह क्या थी, निराशा क्यों हुई? यह तो वे ही बता सकते हैं।