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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के नियमों के अनुसार, अगर परिवार के सदस्य का निधन हो जाए तो उसका आधार कार्ड डिएक्टिवेट कराना होगा। जिसके लिए एक प्रोसेस फॉलो करना होगा। UIDAI का कहना है कि दुनिया से जा चुके शख्स का आधार कार्ड डिएक्टिवेट कराना बेहद जरूरी है।
आधार कार्ड के दुरुपयोग का खतरा

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UIDAI के अनुसार, मौत होने के बाद आधार कार्ड का मिसयूज होने का खतरा है। फर्जी सब्सिडी ली जा सकती है। पेंशन या बैंक अकाउंट से पैसा निकलवाने की कोशिश हो सकती है। किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिया जा सकता है। किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने का डर भी रहता है।
आधार को डिएक्टिवेट कराने का तरीका

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मौत होने के बाद आधार कार्ड को डिएक्टिवेट कैसे कराना है? इसके लिए एक प्रोसेस फॉलो करना होगा। सबसे पहले माय आधार पोर्टल पर जाएं। अपने आधार नंबर और OTP से लॉगइन करें। सर्विस सेक्शन में जाएं, जहां Report Death of a Family Member ऑप्शन पर क्लिक करें। मृत व्यक्ति की मांगी गई जानकारी भरें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरकर बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफाई करें और रिक्वेस्ट सबमिट कर दें। कुछ दिन के अंदर आधार कार्ड डिएक्टिवेट हो जाएगा।
UIDAI ने खुद बताया पूरा प्रोसेस

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बता दें कि UIDAI ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से ट्वीट करके पूरा प्रोसेस बताया। यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पोस्ट में लिखा है कि परिवार के उस सदस्य के आधार को डिएक्टिवेट करें, जिसकी मौत हो चुकी है। ऐसा करके आप आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल होने से रोककर UIDIA की मदद कर सकते हैं।
डिएक्टिवेशन का पूरा प्रोसेस डिजिटल

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UIDAI के अनुसार, किसी की मौत के बाद उसका आधार कार्ड डिएक्टिवेट करने के लिए किसी पेपर डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं। डिएक्टिवेशन का पूरा प्रोसेस ऑनलाइन होगा। आपके द्वारा दी गई जानकारी पर विश्वास करके ही आधार कार्ड डिएक्टिवेट किया जाएगा।