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UIDAI ने एक बयान जारी किया है, जिसमें क्लीयर किया गया है कि आधार कार्ड को अब डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आधार कार्ड सिर्फ उसके मालिक की पहचान और उसके घर के पते का प्रमाण होगा। उम्र या डेट ऑफ बर्थ का ऑफिशियल डॉक्यमेंट नहीं होगा, इसलिए देशवासी मामले में संभलकर रहें।
आधार कार्ड क्यों DOB का प्रूफ नहीं?

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आधार कार्ड डेट ऑफ बर्थ का प्रूफ नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसमें मेंशन कराई गई जन्मतिथि गलत हो सकती है। UIDAI का कहना है कि अकसर लोग अनुमान लगाकर डेट ऑफ बर्थ दर्ज करा देते हैं। डेट ऑफ बर्थ के वेरिफिकेशन के लिए कोई वैलिड डॉक्यूमेंट भी उसके पास नहीं होता, यानी आधार कार्ड में लिखी जन्मतिथि वैलिड नहीं हो सकती।
स्कूल या बर्थ सर्टिफिकेट वैलिड प्रूफ

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UIDAI के अनुसार, देश की कई अदालतें और कई सरकारी विभाग भी क्लीयर कर चुके हैं कि आधार कार्ड को उम्र या जन्मतिथि का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता। बल्कि इसकी जगह स्कूल के सर्टिफिकेट को या बर्थ सर्टिफिकेट को ही वैलिड प्रूफ माना जाना चाहिए। आज तक यही दोनों डॉक्यूमेंट माने गए हैं और उनके गलत होने का कोई मामला भी नहीं आया है।
DOB प्रूफ के वैलिड डॉक्यूमेंट्स ये होंगे

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UIDAI के अनुसार, अगर DOB का प्रूफ देना है तो जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट (SSLC), पासपोर्ट या सरकारी अधिकारी के द्वारा जारी DOB सर्टिफिकेट जमा करा सकते हैं। इन्हीं डॉक्यूमेंट को UIDAI भी आधार कार्ड के लिए डेथ ऑफ बर्थ का वैलिड प्रूफ मानता है। वहीं DOB को लेकर यह नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से बनाए गए नियम को ही और ज्यादा स्पष्ट किया गया है।
आधार कार्ड आज हर काम का आधार

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UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड भारतीय होने की पहचान है। आधार कार्ड आज देश में हर काम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक हैं। कोई डॉक्यूमेंट या लाइसेंस बनवाना है तो आधार कार्ड चाहिए। किसी सरकारी स्कीम का फायद उठाना है तो आधार कार्ड चाहिए। लेकिन अब थोड़ा सावधान रहें, क्योंकि अगर DOB प्रूफ नहीं है तो कई जरूरी काम अटक सकते हैं।