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अक्सर हम ऐसी बीमारियों को शिकार हो जाते हैं, जिसके बारे में न तो हमने कभी सुना होता है और न ही उस बीमारी के संकेतों के बारे में कोई जानकारी होती है. ऐसी ही एक बीमारी हीमोफीलिया के बारे में हम आपको बताएंगे, जिसका शिकार सबसे ज्यादा पुरुष होते हैं.
पुरुषों में रहता है सबसे ज्यादा खतरा

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हम इस स्टोरी में एक ऐसी बीमारी के बारे में बात करें, जिसका नाम 'हीमोफीलिया' है. यह बीमारी इतनी गंभीर है कि इसमें व्यक्ति के शरीर से खून पानी की तरह बहने लगता है और कई मामलों में मरीज की मौत तक हो जाती है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
क्या है हीमोफीलिया?

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हीमोफीलिया एक आनुवंशिक (Genetic) रक्त विकार है, जिसमें शरीर में खून जमाने (blood clotting) वाले जरूरी प्रोटीन, जिन्हें क्लॉटिंग फैक्टर कहा जाता है, उनकी कमी या खराबी होती है, जिसका असर खून पर सीधा पड़ता है.
चोट लगने पर नहीं रुकता खून

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इस बीमारी के कारण चोट लगने पर खून सामान्य से ज्यादा देर तक बह सकता है या शरीर के अंदर भी रक्तस्राव हो सकता है.
पुरुषों में क्यों रहता है सबसे ज्यादा खतरा?

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हीमोफीलिया अक्सर X chromosome से जुड़ा रोग है. पुरुषों में एक ही X chromosome होता है, इसलिए दोषपूर्ण जीन होने पर बीमारी सीधे दिखाई देती है.
महिलाओं क्यों इसका शिकार नहीं होती हैं?

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महिलाओं में दो X chromosome होते हैं, इसलिए अगर एक में खराब जीन हो और दूसरा सामान्य हो, तो आमतौर पर बीमारी के गंभीर लक्षण नहीं आते. ऐसी महिलाओं को जीन वाहक कहा जाता है, यानी वे इस बीमारी का जीन अपने बच्चों तक पहुंचा सकती हैं.
कैसे दिखाई देते हैं इसके लक्षण?

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इसके लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके लक्षणों में छोटी चोट पर भी लंबे समय तक खून बहना, बार-बार नाक से खून आना, आसानी से नीले निशान (bruises) पड़ना, जोड़ों में दर्द या सूजन (अंदरूनी ब्लीडिंग के कारण) आदि इसके कारणों में शामिल हैं.
क्या ये बीमारी जानलेवा है?

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जी हां, हीमोफीलिया (Hemophilia) के सही समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकती है. मामूली चोट या सर्जरी के बाद भी बहुत ज्यादा और लगातार खून बहने से शरीर में खून की कमी हो सकती है, जो मौत का कारण बन सकती है.
क्या हीमोफीलिया की बीमारी को जड़ से ठीक किया जा सकता है?

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हीमोफीलिया एक आनुवंशिक विकार है इसलिए इससे पूरी तरह बचाव या जड़ से ठीक करना संभव नहीं है. हालांकि, सही समय पर इलाज, फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी और अच्छी जीवनशैली अपनाकर इसके गंभीर खतरों से बचा जा सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.(Image: AI/Pexels)