Bacho Me Diabetes Ke Lakshan: बच्चों में डायबिटीज को पीडियाट्रिक डायबिटीज कहते हैं. यह तब होता है जब पैनक्रियाज पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है या फिर शरीर इंसुलिन को ठीक तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता है. इससे ब्लड ग्लूकोज लेवल्स तेजी से बढ़ने लगते हैं. बच्चों को टाइप 1 डायबिटीज होती है तो जीवनभर इंसुलिन थेरैपी लेनी पड़ती है. वहीं, मोटापे और एक्टिव लाइफस्टाइल ना होने के कारण बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) का खतरा बढ़ रहा है. ऐसे में यहां जानिए बच्चों में डायबिटीज के लक्षण (Diabetes Symptoms In Children) कैसे नजर आते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी होता है. यहां बच्चो में टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण दिए जा रहे हैं.
प्यास और पेशाब का बढ़ जाना

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बच्चों को अक्सर ही जरूरत से ज्यादा प्यास लगने लगती है और साथ ही बार-बार पेशाब आने लगता है. डायबिटीज होने पर शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे बार-बार पेशाब आता है और डिहाइड्रेशन बढ़ती है.
भूख ज्यादा लगना

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डायबिटीज में बच्चे चाहे जितना भी खाएं भूख लगती ही रहती है. बच्चे का शरीर शुगर को एनर्जी के लिए प्रोसेस नहीं कर पाता है. इस चलते भूख बढ़ जाती है.
कमजोरी और थकान

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डायबिटीज होने पर शरीर की कोशिकाओं में शुगर की कमी होने लगती है और हर समय थकान रहने लगती है और कमजोरी महसूस होती है.
बिना कारण वजन कम होना

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डायबिटीज का एक बड़ा लक्षण है कि शरीर का वजन बिना कोशिश किए भी कम होने लगता है. शरीर एनर्जी के लिए फैट और मसल्स को बर्न करने लगता है. इससे वजन कम होना शुरू हो जाता है. ज्यादातर टाइप 1 डायबिटीज में यह लक्षण नजर आता है.
देखने में दिक्कत

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टाइप 2 डायबिटीज होने पर देखने में दिक्कत आने लगती है. बच्चे को धुंधला दिखाई देने लगता है. यह हाई ग्लूकोज लेवल्स के कारण होता है.
त्वचा का काला पड़ना

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टाइप 2 डायबिटीज में बच्चे की गर्दन पर या अंडरआर्म्स में कालापन नजर आने लगता है. अगर आपको भी बच्चे के शरीर पर ये लक्षण दिख रहे हैं तो उसका डायबिटीज टेस्ट करावाना जरूरी है.
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