25% थी बैटरी, फिर अचानक 5% कैसे हो गई? ये गलतियों होती है इसके पीछे की वजह

क्या आपके फोन की बैटरी भी 25-30% से अचानक 5% पर पहुंच जाती है? अगर हां, तो जरूरी नहीं कि बैटरी खराब हो या फोन में वायरस हो. इसके पीछे दूसरे कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. जानिए ऐसा क्यों होता है और इसे कैसे ठीक कर सकते हैं.

phone battery
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कई बार ऐसा होता है कि फोन की बैटरी 25% या 30% दिखा रही होती है, लेकिन कुछ ही मिनटों में अचानक 5% पर पहुंच जाती है. ऐसे में यूजर्स घबरा जाते हैं और उन्हें लगता है कि फोन में कोई बड़ी खराबी या वायरस आ गया है. हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है. यह समस्या आज लाखों स्मार्टफोन यूजर्स के साथ देखी जा रही है.

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सिर्फ पुराने नहीं, नए फोन में भी होती है यह दिक्कत

सिर्फ पुराने नहीं, नए फोन में भी होती है यह दिक्कत2 / 7

यह समस्या केवल पुराने स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है. Samsung, Xiaomi, Google Pixel, OnePlus और OPPO जैसे नए स्मार्टफोन में भी कई बार बैटरी प्रतिशत अचानक तेजी से गिरता हुआ दिखाई देता है. ज्यादातर मामलों में इसकी वजह सॉफ्टवेयर या वायरस नहीं, बल्कि बैटरी से जुड़ा सामान्य तकनीकी कारण होता है.

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बैटरी प्रतिशत कैसे तय होता है?

बैटरी प्रतिशत कैसे तय होता है?3 / 7

फोन में दिखाई देने वाला बैटरी प्रतिशत किसी पेट्रोल टैंक की तरह सीधे नहीं मापा जाता. यह एक अनुमान होता है, जिसे बैटरी की वोल्टेज, करंट फ्लो, तापमान और पहले के इस्तेमाल के पैटर्न के आधार पर सिस्टम तैयार करता है. लगभग सभी स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी हमेशा एक समान गति से डिस्चार्ज नहीं होती, खासकर जब वह पुरानी होने लगती है. इसी वजह से फोन समय-समय पर अपने अनुमान को अपडेट करता रहता है और कभी-कभी बैटरी प्रतिशत अचानक बढ़ता या घटता दिखाई देता है. ये भी पढ़ें- WhatsApp Username Feature: WhatsApp पर अब बिना फोन नंबर बताए होगी चैट, कंपनी बोली बुक करें अपना यूजरनेम

भारी ऐप्स चलाने पर क्यों गिर जाता है प्रतिशत?

भारी ऐप्स चलाने पर क्यों गिर जाता है प्रतिशत?4 / 7

जब आप गेम खेलते हैं, कैमरा इस्तेमाल करते हैं या GPS नेविगेशन जैसे भारी ऐप्स चलाते हैं, तो फोन बैटरी से ज्यादा करंट खींचता है. इससे बैटरी की वोल्टेज अचानक कम हो जाती है और सिस्टम बैटरी प्रतिशत को तेजी से नीचे दिखा देता है. जैसे ही इन ऐप्स को बंद किया जाता है, लोड कम हो जाता है, वोल्टेज फिर सामान्य होती है और फोन बैटरी का अनुमान दोबारा बदल देता है. इसी कारण कई बार 25% से 5% तक की अचानक गिरावट दिखाई देती है.

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पुरानी बैटरी भी बनती है वजह

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बैटरी की बढ़ती उम्र भी इस समस्या का बड़ा कारण है. पुरानी लिथियम-आयन बैटरी कम चार्ज लेवल पर स्थिर वोल्टेज बनाए रखने में सक्षम नहीं रहती. करीब 500 से ज्यादा चार्जिंग साइकल पूरे होने के बाद अधिकांश बैटरियां अपनी मूल क्षमता का लगभग 80% ही बचा पाती हैं. जैसे-जैसे क्षमता घटती है, बैटरी प्रतिशत का अनुमान भी कम सटीक होता जाता है. ये भी पढ़ें- आखिर ऊंची-ऊंची बिल्डिंग्स के टॉप फ्लोर पर ही क्यों फटता है AC? जान लें ये 4 कारण

गलत कैलिब्रेशन भी बिगाड़ देता है रीडिंग

गलत कैलिब्रेशन भी बिगाड़ देता है रीडिंग6 / 7

अगर आप हमेशा फोन को 40% से 80% के बीच ही चार्ज करते हैं और उसे कभी पूरी तरह डिस्चार्ज नहीं होने देते, तो बैटरी का फ्यूल गेज अपना सही रेफरेंस खो सकता है. इसके अलावा बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स, सिस्टम अपडेट और पुराना सॉफ्टवेयर भी बैटरी प्रतिशत की रीडिंग को प्रभावित कर सकते हैं.

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इस समस्या से बचने के आसान तरीके

इस समस्या से बचने के आसान तरीके7 / 7

अगर आपके फोन में भी बैटरी प्रतिशत अचानक गिरने की समस्या बार-बार आती है, तो सबसे पहले बैटरी हेल्थ जरूर जांचें. iPhone में यह जानकारी सेटिंग के बेटरी हेल्थ सेक्शन में मिल जाती है, जबकि Android फोन में डिवाइस मेंटेनेंस या संबंधित टूल के जरिए इसे देखा जा सकता है. महीने में एक बार बैटरी को पूरी तरह चार्ज करके कैलिब्रेट करें. साथ ही बेकार के बैकग्राउंड ऐप्स बंद रखें, जरूरत पड़ने पर पावर सेविंग मोड का इस्तेमाल करें और फोन को बहुत ज्यादा गर्म या बेहद ठंडे वातावरण में इस्तेमाल करने से बचें.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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