आखिर ऊंची-ऊंची बिल्डिंग्स के टॉप फ्लोर पर ही क्यों फटता है AC? जान लें ये 4 कारण

क्या आपके घर का AC भी ऊपरी मंजिल पर लगा है? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. क्योंकि कुछ आम गलतियां AC ब्लास्ट की वजह बन सकती हैं. जानिए क्यों टॉप फ्लोर पर बढ़ जाता है खतरा और कैसे रखें अपने परिवार को सुरक्षित.

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गर्मियों में एसी राहत देता है, लेकिन इसी मौसम में एसी ब्लास्ट की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं. खास बात यह है कि ऐसे हादसे अक्सर ऊपरी मंजिलों पर ज्यादा देखने को मिलते हैं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे बड़ी वजह अत्यधिक गर्मी यानी को माना जाता है.

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पहला कारण- ऊपरी मंजिलों पर ज्यादा गर्मी

पहला कारण- ऊपरी मंजिलों पर ज्यादा गर्मी2 / 9

ऊपरी फ्लोर्स पर सीधी और तेज धूप पड़ती है, जिससे वहां का तापमान निचली मंजिलों की तुलना में काफी ज्यादा हो जाता है. ऐसे में कमरे को ठंडा करने के लिए एसी के कंप्रेसर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है. लगातार ज्यादा लोड पड़ने से कंप्रेसर ओवरहीट हो सकता है और ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है.

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दूसरा कारण- समय पर मेंटेनेंस न होना

दूसरा कारण- समय पर मेंटेनेंस न होना3 / 9

कई लोग एसी की नियमित सर्विसिंग नहीं कराते और 10 से 15 दिन के अंतराल पर फिल्टर भी साफ नहीं करते. गंदगी जमा होने से एसी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सिस्टम ज्यादा गर्म हो सकता है और खराबी या ब्लास्ट की आशंका बढ़ जाती है.

तीसरा कारण- वोल्टेज फ्लक्चुएशन

तीसरा कारण- वोल्टेज फ्लक्चुएशन4 / 9

गर्मियों में लगभग हर घर में एसी चलने से बिजली पर लोड बढ़ जाता है. इसके कारण वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या पैदा हो सकती है. बार-बार होने वाला वोल्टेज उतार-चढ़ाव एसी के कंप्रेसर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे ब्लास्ट का जोखिम बढ़ जाता है. ये भी पढ़ें- WhatsApp Username Feature: WhatsApp पर अब बिना फोन नंबर बताए होगी चैट, कंपनी बोली बुक करें अपना यूजरनेम

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चौथा कारण- पुरानी या खराब वायरिंग

चौथा कारण- पुरानी या खराब वायरिंग5 / 9

ऊपरी मंजिलों पर एसी लंबे समय तक चलता है. अगर वायरिंग पुरानी, क्षतिग्रस्त या कहीं से कटी हुई है, तो स्पार्किंग और आग लगने की संभावना बढ़ जाती है. यही स्थिति बड़े हादसे की वजह भी बन सकती है.

पहला बचाव- नियमित सर्विसिंग कराएं

पहला बचाव- नियमित सर्विसिंग कराएं6 / 9

यदि आप एसी ब्लास्ट जैसी घटना से बचना चाहते हैं, तो समय-समय पर सर्विसिंग जरूर कराएं. सर्विसिंग के दौरान कंप्रेसर और अन्य हिस्सों में जमी धूल-मिट्टी साफ हो जाती है. साथ ही टेक्निशियन से गैस लीकेज, ढीले कनेक्शन और अन्य तकनीकी खराबियों की भी जांच करवा लें. ये भी पढ़ें- नया फोन लेने का सही समय क्या है, कब खरीदना चाहिए नया स्मार्टफोन?

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 दूसरा बचाव- आउटडोर यूनिट को धूप से बचाएं

 दूसरा बचाव- आउटडोर यूनिट को धूप से बचाएं7 / 9

अगर आपके घर में स्प्लिट एसी लगा है, तो उसकी आउटडोर यूनिट ऐसी जगह लगवाएं जहां सीधी धूप न पड़ती हो. इससे कंप्रेसर पर गर्मी का असर कम होगा और उसे जरूरत से ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी.

तीसरा बचाव- लगातार कई घंटे एसी न चलाएं

तीसरा बचाव- लगातार कई घंटे एसी न चलाएं8 / 9

ऊपरी मंजिलों पर गर्मी ज्यादा होने के कारण लोग अक्सर एसी को 12 से 13 घंटे तक लगातार चलाए रखते हैं. ऐसा करने से कंप्रेसर पर लगातार दबाव बना रहता है और उसके ओवरहीट होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बीच-बीच में एसी को आराम देना भी जरूरी है.

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चौथा बचाव- आउटडोर यूनिट की सही प्लेसमेंट

चौथा बचाव- आउटडोर यूनिट की सही प्लेसमेंट9 / 9

आउटडोर यूनिट को हमेशा ऐसी जगह लगाएं जहां कंप्रेसर से निकलने वाली गर्म हवा आसानी से बाहर निकल सके. यूनिट के सामने कोई ऐसी रुकावट नहीं होनी चाहिए जो एयर फ्लो को प्रभावित करे. सही वेंटिलेशन मिलने से एसी बेहतर तरीके से काम करता है और ओवरहीटिंग का खतरा कम हो जाता. (Images Credit-Pexels/Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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