छत या दीवार, AC आउटडोर यूनिट कहां लगाएं? गलत जगह से बढ़ सकता है बिजली बिल

AC खरीदते वक्त लोग बड़ी गलती कर देते हैं- आउटडोर यूनिट गलत जगह लगा देते हैं. इसका असर सीधे कूलिंग और बिजली के बिल पर पड़ता है. जानिए छत सही है या दीवार, और कैसे एक छोटा फैसला आपको हजारों रुपये बचा सकता है.

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नया AC खरीदते समय हम अक्सर उसकी स्टार रेटिंग और फीचर्स पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन इंस्टॉलेशन के वक्त एक अहम बात नजरअंदाज कर देते हैं. AC का असली काम करने वाला हिस्सा यानी कंप्रेसर आउटडोर यूनिट में होता है, और इसे सही जगह पर लगाना बेहद जरूरी है. गलत जगह पर लगाने से न सिर्फ कूलिंग कम हो सकती है, बल्कि बिजली का बिल भी बढ़ सकता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आउटडोर यूनिट को छत पर रखना सही है या दीवार पर. (Photo-AI Generated Image)

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छत पर लगाने के फायदे क्या हैं

छत पर लगाने के फायदे क्या हैं2 / 6

अगर आपके घर में छत या बालकनी में पर्याप्त जगह है, तो आउटडोर यूनिट को समतल जगह पर रखना अच्छा विकल्प माना जाता है. यहां पर हवा का सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे कंप्रेसर जल्दी ठंडा होता है और AC की परफॉर्मेंस अच्छी रहती है. साथ ही सर्विसिंग के दौरान मैकेनिक को काम करने में भी आसानी होती है.

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छत पर लगाने के नुकसान भी जान लें

छत पर लगाने के नुकसान भी जान लें3 / 6

छत पर रखने का एक बड़ा नुकसान यह है कि यूनिट सीधे धूप और बारिश के संपर्क में रहती है. तेज धूप पड़ने पर कंप्रेसर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है. लंबे समय तक ऐसा होने पर कंप्रेसर के खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है.

दीवार पर लगाने के फायदे और सीमाएं

दीवार पर लगाने के फायदे और सीमाएं4 / 6

जहां जगह कम होती है, वहां आउटडोर यूनिट को दीवार पर ब्रैकेट के सहारे टांगना पड़ता है. यह जगह बचाने के लिहाज से सही है, लेकिन अगर ब्रैकेट मजबूत नहीं है या दीवार कमजोर है, तो यूनिट के चलने से कंपन और शोर की समस्या हो सकती है.

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पाइप की लंबाई का कूलिंग पर असर

पाइप की लंबाई का कूलिंग पर असर5 / 6

AC के इनडोर और आउटडोर यूनिट के बीच पाइप की दूरी बहुत मायने रखती है. अगर यह दूरी ज्यादा हो जाती है, तो कूलिंग कम हो जाती है और कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि दोनों यूनिट के बीच दूरी 5 से 10 फीट के भीतर ही रहे.

सबसे सही इंस्टॉलेशन कौन सा है?

सबसे सही इंस्टॉलेशन कौन सा है?6 / 6

सबसे बेहतर तरीका यह है कि आउटडोर यूनिट को ऐसी जगह लगाया जाए जहां छाया हो और वह इनडोर यूनिट के करीब हो. अगर छत पर लगाना है, तो ऊपर शेड लगवाना अच्छा रहेगा ताकि धूप सीधे न पड़े. वहीं अगर दीवार पर लगाना जरूरी है, तो मजबूत ब्रैकेट और एंटी-वाइब्रेशन पैड्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे सुरक्षा और परफॉर्मेंस दोनों बनी रहें.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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