जून में बदले UPI पेमेंट के नियम! बैंक अकाउंट सुरक्षित रखना है तो तुरंत करें ये काम
जून के शुरू होते ही UPI पेमेंट अब पहले से ज्यादा सुरक्षित हो गया है, लेकिन सिर्फ नए नियम आपको ऑनलाइन ठगी से नहीं बचा सकते. अगर आपके फोन में ये 5 जरूरी सेटिंग्स ऑन नहीं हैं, तो साइबर अपराधी मिनटों में आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं. जानिए कौन-सी सेटिंग्स तुरंत एक्टिव करनी चाहिए.

1 जून 2026 से UPI ट्रांजैक्शन को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं. अब बड़े भुगतान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं. हालांकि सिर्फ नए नियमों पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है, आपको अपने फोन और बैंकिंग ऐप्स में भी कुछ जरूरी सेटिंग्स ऑन रखनी चाहिए.
बड़े ट्रांजैक्शन में मिलेगा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन
2 / 9नए नियमों के तहत बड़े मूल्य के UPI भुगतान के लिए सिर्फ UPI PIN पर्याप्त नहीं होगा. अब फिंगरप्रिंट या फेस आईडी जैसे बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसी अन्य व्यक्ति के लिए आपकी अनुमति के बिना पेमेंट करना मुश्किल हो जाएगा.
पेमेंट से पहले दिखेगा सामने वाले का नाम
3 / 9अब किसी मोबाइल नंबर या UPI आईडी पर पैसे भेजते समय सामने वाले व्यक्ति का नाम भी दिखाई देगा. इससे गलत खाते में पैसा भेजने या फर्जी पहचान के जरिए होने वाली धोखाधड़ी की संभावना कम हो सकती है. ये भी पढ़ें- भारत में iPhone 17 Pro Max खरीदने के लिए कितने दिन काम करना होगा? जानकर चौंक जाएंगे आप
फोन और UPI ऐप्स में बायोमेट्रिक लॉक जरूर करें ऑन
4 / 9अगर आपके स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक की सुविधा है, तो उसे सक्रिय रखें. साथ ही Google Pay, PhonePe, Paytm और बैंकिंग ऐप्स में भी बायोमेट्रिक लॉक ऑन कर दें ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आपके ऐप्स तक पहुंच न सके.
बैंकिंग ऐप्स को Hidden Folder में रखें
5 / 9आजकल अधिकांश स्मार्टफोन्स में ऐप्स को छिपाने या Hidden Folder में रखने का विकल्प मिलता है. बैंकिंग और UPI ऐप्स को ऐसे सुरक्षित फोल्डर में रखने से अनजान व्यक्ति के लिए उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है. ये भी पढ़ें- अब हर कमरे में अलग AC लगाने की जरूरत नहीं, एक से ही ठंडे होंगे 5 कमरे, जानें कैसे?
बैंकिंग नोटिफिकेशन कभी बंद न करें
6 / 9कई लोग बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन से परेशान होकर उन्हें बंद कर देते हैं. लेकिन बैंक और UPI ऐप्स के नोटिफिकेशन हमेशा ऑन रखने चाहिए ताकि किसी भी ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके और फ्रॉड की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके.
ट्रांजैक्शन अलर्ट के लिए अलग रिंगटोन सेट करें
7 / 9अधिक सुरक्षा के लिए आप बैंकिंग और पेमेंट ऐप्स के नोटिफिकेशन की अलग रिंगटोन भी सेट कर सकते हैं. इससे पैसे निकलते ही आपको तुरंत पता चल जाएगा कि आपके खाते में कोई गतिविधि हुई है.
डेली ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करना न भूलें
8 / 9अपने UPI या बैंकिंग ऐप में रोजाना ट्रांसफर की अधिकतम सीमा तय कर दें. उदाहरण के तौर पर यदि आपका सामान्य खर्च 10,000 रुपये तक है तो उससे अधिक लिमिट रखने की जरूरत नहीं है. इससे किसी भी संभावित फ्रॉड में नुकसान सीमित रहेगा. यदि किसी कारणवश आपका फोन या अकाउंट गलत हाथों में पहुंच जाता है, तो डेली ट्रांजैक्शन लिमिट की वजह से एक बार में बड़ी रकम ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी. यह सुरक्षा की बेहद उपयोगी परत मानी जाती है. ये भी पढ़ें- क्या 5G नेटवर्क सच में फोन की बैटरी जल्दी खत्म करता है? जानिए कितना सच है यह दावा
जरूरत न हो तो इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन बंद रखें
9 / 9अगर आप विदेश में भुगतान नहीं करते या अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन की सुविधा बंद रखना बेहतर रहेगा. अधिकांश बैंक और UPI ऐप्स यह विकल्प उपलब्ध कराते हैं. अनावश्यक इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन सुविधा चालू रखने से विदेशी भुगतान से जुड़े साइबर फ्रॉड का जोखिम बढ़ सकता है. जरूरत न होने पर इस फीचर को ऑफ रखना अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है.



















