1 जून 2026 से UPI ट्रांजैक्शन को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं. अब बड़े भुगतान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं. हालांकि सिर्फ नए नियमों पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है, आपको अपने फोन और बैंकिंग ऐप्स में भी कुछ जरूरी सेटिंग्स ऑन रखनी चाहिए.
बड़े ट्रांजैक्शन में मिलेगा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन

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नए नियमों के तहत बड़े मूल्य के UPI भुगतान के लिए सिर्फ UPI PIN पर्याप्त नहीं होगा. अब फिंगरप्रिंट या फेस आईडी जैसे बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसी अन्य व्यक्ति के लिए आपकी अनुमति के बिना पेमेंट करना मुश्किल हो जाएगा.
फोन और UPI ऐप्स में बायोमेट्रिक लॉक जरूर करें ऑन

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अगर आपके स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक की सुविधा है, तो उसे सक्रिय रखें. साथ ही Google Pay, PhonePe, Paytm और बैंकिंग ऐप्स में भी बायोमेट्रिक लॉक ऑन कर दें ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आपके ऐप्स तक पहुंच न सके.
बैंकिंग नोटिफिकेशन कभी बंद न करें

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कई लोग बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन से परेशान होकर उन्हें बंद कर देते हैं. लेकिन बैंक और UPI ऐप्स के नोटिफिकेशन हमेशा ऑन रखने चाहिए ताकि किसी भी ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके और फ्रॉड की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके.
ट्रांजैक्शन अलर्ट के लिए अलग रिंगटोन सेट करें

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अधिक सुरक्षा के लिए आप बैंकिंग और पेमेंट ऐप्स के नोटिफिकेशन की अलग रिंगटोन भी सेट कर सकते हैं. इससे पैसे निकलते ही आपको तुरंत पता चल जाएगा कि आपके खाते में कोई गतिविधि हुई है.
डेली ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करना न भूलें

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अपने UPI या बैंकिंग ऐप में रोजाना ट्रांसफर की अधिकतम सीमा तय कर दें. उदाहरण के तौर पर यदि आपका सामान्य खर्च 10,000 रुपये तक है तो उससे अधिक लिमिट रखने की जरूरत नहीं है. इससे किसी भी संभावित फ्रॉड में नुकसान सीमित रहेगा. यदि किसी कारणवश आपका फोन या अकाउंट गलत हाथों में पहुंच जाता है, तो डेली ट्रांजैक्शन लिमिट की वजह से एक बार में बड़ी रकम ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी. यह सुरक्षा की बेहद उपयोगी परत मानी जाती है. ये भी पढ़ें- क्या 5G नेटवर्क सच में फोन की बैटरी जल्दी खत्म करता है? जानिए कितना सच है यह दावा
जरूरत न हो तो इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन बंद रखें

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अगर आप विदेश में भुगतान नहीं करते या अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन की सुविधा बंद रखना बेहतर रहेगा. अधिकांश बैंक और UPI ऐप्स यह विकल्प उपलब्ध कराते हैं. अनावश्यक इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन सुविधा चालू रखने से विदेशी भुगतान से जुड़े साइबर फ्रॉड का जोखिम बढ़ सकता है. जरूरत न होने पर इस फीचर को ऑफ रखना अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है.