स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी खबर! Aadhaar ऐप पर आया सरकार का नया फैसला

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी खबर! सरकार ने Aadhaar ऐप को लेकर बड़ा फैसला लिया है. जानते हैं क्या है फैसला और इसका आप पर क्या असर पड़ेगा?

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प्री-इंस्टॉल आधार ऐप का प्लान फिलहाल टला

प्री-इंस्टॉल आधार ऐप का प्लान फिलहाल टला2 / 8

UIDAI और केंद्र सरकार ने मिलकर जो योजना बनाई थी, उसमें स्मार्टफोन्स में आधार ऐप पहले से देने की बात थी. लेकिन अब इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया है. Apple, Samsung और अन्य कंपनियों के लिए यह फैसला राहत भरा है. अब उन्हें अपने डिवाइस में आधार ऐप को अनिवार्य रूप से शामिल नहीं करना होगा.

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क्यों लाया गया था यह प्रस्ताव

क्यों लाया गया था यह प्रस्ताव3 / 8

सरकार का उद्देश्य था कि यूजर्स को पहचान सत्यापन, बैंकिंग सेवाओं, टेलीकॉम कनेक्शन और एयरपोर्ट एंट्री जैसी सुविधाओं में आसानी मिले. अगर ऐप पहले से मौजूद होता, तो इन सेवाओं का इस्तेमाल और तेज हो सकता था.

देश में आधार का बढ़ता इस्तेमाल

 देश में आधार का बढ़ता इस्तेमाल4 / 8

भारत में आधार सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पहचान दस्तावेजों में शामिल है. करीब 1.34 अरब लोगों के पास 12 अंकों वाला आधार नंबर है, जिससे इसकी उपयोगिता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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IT मंत्रालय ने नहीं दी मंजूरी

IT मंत्रालय ने नहीं दी मंजूरी5 / 8

रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी में UIDAI ने Ministry of Electronics and Information Technology से इस पर बातचीत शुरू करने को कहा था. लेकिन बाद में IT मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी.

कंपनियों ने क्यों किया विरोध

कंपनियों ने क्यों किया विरोध6 / 8

कम्पैटिबिलिटी पर असर पड़ सकता है. साथ ही, अलग मैन्युफैक्चरिंग सेटअप बनाना पड़ता, जिससे लागत भी बढ़ती. खासतौर पर Apple और Samsung ने यूजर डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई थी. कंपनियां नहीं चाहती थीं कि किसी भी तरह से यूज़र का डेटा जोखिम में पड़े.

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अब यूजर्स को खुद डाउनलोड करना होगा ऐप

अब यूजर्स को खुद डाउनलोड करना होगा ऐप7 / 8

सरकार का मानना है कि हर सरकारी ऐप को फोन में पहले से डालना जरूरी नहीं है. इसलिए अब यूजर्स को जरूरत के हिसाब से Aadhaar ऐप खुद ही डाउनलोड करना होगा.

पहले भी कई बार हो चुका है विरोध

पहले भी कई बार हो चुका है विरोध8 / 8

पिछले दो सालों में यह छठा मौका था जब सरकार ने किसी ऐप को प्री-इंस्टॉल कराने की कोशिश की. हर बार इंडस्ट्री की तरफ से विरोध हुआ और इस बार भी तकनीकी कारणों को देखते हुए प्रस्ताव वापस ले लिया गया.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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