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स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार और UIDAI जिस प्लान पर काम कर रहे थे हर फोन में आधार ऐप पहले से देने का उसे फिलहाल रोक दिया गया है. इसका मतलब साफ है कि अब आपको नया फोन खरीदने पर उसमें Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल नहीं मिलेगा. इस फैसले के पीछे कंपनियों की आपत्तियां और तकनीकी चिंताएं अहम वजह बनी हैं.
प्री-इंस्टॉल आधार ऐप का प्लान फिलहाल टला

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UIDAI और केंद्र सरकार ने मिलकर जो योजना बनाई थी, उसमें स्मार्टफोन्स में आधार ऐप पहले से देने की बात थी. लेकिन अब इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया है. Apple, Samsung और अन्य कंपनियों के लिए यह फैसला राहत भरा है. अब उन्हें अपने डिवाइस में आधार ऐप को अनिवार्य रूप से शामिल नहीं करना होगा.
क्यों लाया गया था यह प्रस्ताव

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सरकार का उद्देश्य था कि यूजर्स को पहचान सत्यापन, बैंकिंग सेवाओं, टेलीकॉम कनेक्शन और एयरपोर्ट एंट्री जैसी सुविधाओं में आसानी मिले. अगर ऐप पहले से मौजूद होता, तो इन सेवाओं का इस्तेमाल और तेज हो सकता था.
देश में आधार का बढ़ता इस्तेमाल

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भारत में आधार सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पहचान दस्तावेजों में शामिल है. करीब 1.34 अरब लोगों के पास 12 अंकों वाला आधार नंबर है, जिससे इसकी उपयोगिता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
IT मंत्रालय ने नहीं दी मंजूरी

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रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी में UIDAI ने Ministry of Electronics and Information Technology से इस पर बातचीत शुरू करने को कहा था. लेकिन बाद में IT मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी.
कंपनियों ने क्यों किया विरोध

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कम्पैटिबिलिटी पर असर पड़ सकता है. साथ ही, अलग मैन्युफैक्चरिंग सेटअप बनाना पड़ता, जिससे लागत भी बढ़ती. खासतौर पर Apple और Samsung ने यूजर डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई थी. कंपनियां नहीं चाहती थीं कि किसी भी तरह से यूज़र का डेटा जोखिम में पड़े.
अब यूजर्स को खुद डाउनलोड करना होगा ऐप

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सरकार का मानना है कि हर सरकारी ऐप को फोन में पहले से डालना जरूरी नहीं है. इसलिए अब यूजर्स को जरूरत के हिसाब से Aadhaar ऐप खुद ही डाउनलोड करना होगा.
पहले भी कई बार हो चुका है विरोध

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पिछले दो सालों में यह छठा मौका था जब सरकार ने किसी ऐप को प्री-इंस्टॉल कराने की कोशिश की. हर बार इंडस्ट्री की तरफ से विरोध हुआ और इस बार भी तकनीकी कारणों को देखते हुए प्रस्ताव वापस ले लिया गया.